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Amritsar: बीते गुरूवार को पंजाब के अमृतसर में 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने खूब उत्पात मचाया। यहां तक कि विरोध की आड़ में अमृतपाल के समर्थकों ने अजनाला पुलिस स्टेशन पर हमला भी कर दिया, जिस वजह से 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए। अमृतपाल सिंह का कहना है कि जिस लवप्रीत तूफान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, वह बेकसूर है। सिंह का आरोप है कि लवप्रीत को बेवजह परेशान किया जा रहा है। अमृतपाल समर्थकों ने FIR से उसका नाम न नहीं हटाए जाने पर थाने के घेराव की धमकी भी दी थी। आईए जानते है कि कौन है अमृतपाल सिंह? जिसकी वजह से अमृतसर में आग सुलगी हुई है।
खालिस्तानी विचारधारा को मानने वाला 30 वर्षीय अमृतपाल सिंह पंजाब में 'वारिस पंजाब दे' संगठन संचालित करता है। इस संगठन को एक्टिविस्ट दीप सिद्धू ने बनाया था, जिसकी 15 फरवरी 2022 को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सिद्धू की मौत के बाद अमृतपाल ही इसका प्रमुख बन गया और 'वारिस पंजाब दे' वेबसाइट बनाई। जिसके तहत उसने लोगों को अपने साथ जोड़ना शुरू कर दिया था।
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Source- social media[/caption]
अमृतपाल अक्सर अपने हथियारबंद समर्थकों के साथ पंजाब में काफी सक्रिय देखा जा रहा है। पिछले साल अमृतपाल उस वक्त सुर्खियों में आया था, जब उसके समर्थकों ने जालंधर में मॉडल टाउन गुरुद्वारे की कुर्सियां ​​जला दी थीं। उसका कहना था कि वो गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं के लिए कुर्सी और सोफा रखने का विरोध करते हैं, क्योंकि यह सिख धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाल ही में अमृतपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देते हुए कहा था कि उनका भी वही हाल होगा, जो पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का हुआ था।
बता दें कि खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल जरनैल सिंह भिंडरावाले का समर्थक माना जाता है। भिंडरावाले की तरह अमृतपाल भी नीली गोल पगड़ी पहनता है। अपने सफेद कपड़ों में एक छोटी कृपाण रखता है और भड़काऊ भाषण भी देता है, इस वजह से वह कट्टरपंथी सिख युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यही वजह है कि अमृतपाल को भिंडरावाले 2.0 कहा जा रहा है।
बवाल की कहानी?
दरअसल, हुआ यूं कि अमृतसर के रूपनगर जिले के चमकौर साहिब निवासी वरिंदर सिंह को अगवा करने और पिटाई करने का आरोप अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों पर लगा। जिसके बाद पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में शक के आधार पर पुलिस ने अमृतपाल के करीबी सहयोगी लवप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। फिर क्या था अमृतपाल के समर्थक भड़क उठें। बीते गुरूवार को तलवारें और अन्य हथियार लेकर अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समर्थक अमृतसर के अजनाला पुलिस थाने में घुस गए। उन्होंने पुलिस द्वारा लगाए गए बेरिकेड्स को तोड़ दिया। उन्होंने पुलिस से अमृतपाल सिंह और समर्थकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने के लिए कहा और विरोध प्रदर्शन करने की धमकी भी दी।
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