Chhattisgarh News: हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाई तब समिति ने किसान को दिया साढ़े तीन लाख का चेक

Chhattisgarh News: हाईकोर्ट में अवमानना याचिका लगाई तब समिति ने किसान को दिया साढ़े तीन लाख का चेक, सेवा सहकारी समिति लोरमी का मामला

Chhattisgarh News

Chhattisgarh News: किसान अपनी फसलों के भुगतान के लिए कितने परेशान होते हैं, इसकी बानगी देखिए-समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद एक समिति ने किसान को 10 साल तक टहलाया। परेशान होकर किसान को हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। हाईकोर्ट ने भी किसान के पक्ष में फैसला सुनाया, लेकिन फिर भी समिति संचालक ने काफी दिनों तक चक्कर कटवाए। परेशान होकर किसान फिर हाईकोर्ट पहुंचा और अवमानना की याचिका दायर की। तब जाकर सेवा सहकारी समिति लोरमी ने किसान के नाम साढ़े तीन लाख रुपए का चेक जारी किया। अब उम्मीद है कि किसान को उसकी राशि का पेमेंट हो जाएगा।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा

जानकारी के मुताबिक, अवमानना याचिका लगाते ही समिति के अधिकारियों ने कोर्ट में बताया कि किसान को निर्धारित राशि का चेक दे दिया गया है। हालांकि,
हाईकोर्ट ने किसान को छूट दी है कि चेक से भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत होने पर वह दोबारा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर सकता (Chhattisgarh News) है।

किसान को 10 साल लड़नी पड़ी कानूनी लड़ाई

बताते हैं कि धान बेचने के बाद भी सेवा सहकारी समिति लोरमी ने किसान को भुगतान नहीं किया। 10 साल कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद ही उसे न्याय मिल सका। समिति ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद 3 लाख 45 हजार का चेक प्रदान (Chhattisgarh News) किया।

पूरा मामला ऐसे समझें

सारधा, तहसील लोरमी, जिला मुंगेली निवासी तोपसिंह राठौर ने वर्ष 2014 में सेवा सहकारी समिति लोरमी में 525 बोरा धान तौल कराए थे। इसके बाद कई साल तक इन्हें भुगतान के लिए चक्कर लगवाए गए। दो अगस्त 2019 को उप पंजीयक सहकारी समिति मुंगेली ने पत्र द्वारा सेवा सहकारी समिति मर्यादित लोरमी के अध्यक्ष/प्रबंधक को मामले की जांच कर भुगतान करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। किसान तोपसिंह ने वकील शाल्विक तिवारी के जरिये हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय की सिंगल बेंच में (Chhattisgarh News) हुई।

कोर्ट ने यह दिए निर्देश

हाईकोर्ट ने सेवा सहकारी समिति लोरमी को निर्देश दिए कि कि कोर्ट का आदेश प्राप्त होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर बोनस के साथ वर्ष 2014 में निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार याचिकाकर्ता किसान को भुगतान करें। कोर्ट ने यह भी कहा है कि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद समिति ने भुगतान नहीं किया तो याचिकाकर्ता किसान दोबारा अपने वकील के जरिये अवमाना याचिका पेश कर सकता (Chhattisgarh News) है।

किसान ने दायर की अवमानना याचिका

कोर्ट के आदेश के बाद भी जब अधिकारियों ने भुगतान नहीं किया तब किसान ने कोर्ट आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अपने वकील के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की। मामले की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच में (Chhattisgarh News) हुई।

सुनवाई के दौरान समिति ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान समिति के अधिकारी ने बताया कि याचिकाकर्ता किसान को 3 लाख 45 हजार 500 रुपए का भुगतान किया जा चुका है। कोर्ट ने किसान को एक बार फिर राहत देते हुए कहा कि चेक से भुगतान करा लें। चेक बाउंस होने या भुगतान में किसी तरह की दिक्कत होने पर किसान दोबारा कोर्ट में याचिका दायर कर सकता (Chhattisgarh News) है।

ये भी पढ़ेंशिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय की शादी तय: ऑक्सफोर्ड पासआउट अमानत बनेंगी बहू, 17 अक्टूबर को होगी सगाई की रस्म

ये भी पढ़ेंChhattisgarh News: रात में फर्जी पुलिस बनते थे SECL के अधिकारी, ट्रक ड्राइवरों से ऐंठते थे पैसे, पुलिस ने सबको पकड़ा

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article