जब कोर्ट का दरवाजा तोड़कर 200 महिलाओं ने कर दी थी इस हत्यारे की हत्या, जानिए सीरियल किलर अक्कू यादव की पूरी कहानी

जब कोर्ट का दरवाजा तोड़कर 200 महिलाओं ने कर दी थी इस हत्यारे की हत्या, जानिए सीरियल किलर अक्कू यादव की पूरी कहानी When 200 women had killed this killer by breaking the door of the court, know the full story of serial killer Akku Yadav nkp

जब कोर्ट का दरवाजा तोड़कर 200 महिलाओं ने कर दी थी इस हत्यारे की हत्या, जानिए सीरियल किलर अक्कू यादव की पूरी कहानी

नई दिल्ली। भारतीय इतिहास में सीरियल किलिंग की कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिनके बारे में जानकर लोग आज भी कांप जाते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे सीरियल किलर की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थी। हम बात कर रहे हैं सीरियल किलर भारत कालीचरण (Serial killer Bharat Kalicharan) उर्फ अक्कु यादव की। यादव ज्यादातर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था और उन्हें चाकू से गोदकर बेरहमी से मार डालता था। हालांकि, उसकी मौत भी किसी सामान्य तरीके से नहीं हुई। बल्कि करीब 200 महिलाओं ने कोर्ट का दरवाजा तोड़कर उसे भीषण मौत दी थी। इस घटना ने तब काफी सुर्खियां बटोरी थी।

उसके कारण नागपुर में दहशत का महौल था

कालीचरण ने 40 से ज्यादा महिलाओं को अपना शिकार बनाया था। वह जिस भी महिला को निशाना बनाता, उसके साथ दुष्कर्म करता और बहुतों की हत्या कर देता। बता दें कि महिलाओं के साथ लगातार होने वाली इन वारदातों की वजह से नागपुर के कस्तुरबानगर में करीब 10 साल तक दहशत का माहौल रहा था। पुलिस ने अक्कु यादव के खिलाफ करीब 26 अपराधिक मामले दर्ज किए थे और उसे कई बार गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन पुलिस और राजनीतिक संरक्षण के चलते वह हमेशा छूट जाता था।

40 महिलाओं के साथ की थी दरिंदगी

माना जाता है कि अक्कु यादव ने 40 से अधिक महिलाओं को अपना शिकार बनाया था, लेकिन ज्यादातर मामले उसके खिलाफ दर्ज ही नहीं हो पाते थे इस कारण से केवल 40 महिलाओं के बारे में ही मीडिया में जानकारी है। फिल्मों में खलनायकों की तरह उसका असल जीवन में रोल था। हत्या, हमला, दुष्कर्म, डकैती व बलवा के मामले उस पर दर्ज थे। पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट 1991 में ही तैयार कर ली गई थी और 14 बार उसे गिरफ्तार भी किया गया था। लेकिन वो हर बार जमानत पर छूट जाता था।

200 महिलाओं ने मिलकर कर दी थी हत्या

लेकिन 13 अगस्त 2004 को जब पुलिस ने उसे एक मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, तो करीब 200 महिलाओं की भीड़ ने कोर्ट में घुसकर उसकी जान ले ली। बता दें कि पुलिस अक्कु यादव को लेकर दोपहर के समय नागपुर जिला सेशन कोर्ट पहुंची थी, जहां उसे कोर्ट के रूम नंबर 7 में ले जाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान अक्कू यादव ने एक महिला के साथ बदसलूकी कर दी। फिर क्या था, वहां मौजूद भीड़ ने कोर्ट रूम का दरवाजा तोड़कर उसपर हमला कर दिया। भीड़ में कुछ परूषों के साथ करीब 200 महिलाएं शामिल थी।

कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया

महिलाओं ने अक्कु यादव की आंख और मुंह में लाल मिर्च के साथ कंकड़-पत्थर भर दिए थे। महिलाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था, एक महिला ने उसके गुप्तांग को भी काट दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसके शरीर पर 73 बार चाकुओं से बार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में करीब 100 लोगों को तब गिरफ्तार किया था। जबकि 18 पर हत्या का केस चला था। हत्या के बाद कई महिलाओं ने गर्व के साथ अपना गुनाह कबूल भी किया था। हालांकि, साल 2012 में नागपुर जिला व सत्र न्यायालय ने सभी आरोपियों को निर्दोष घोषित कर बरी कर दिया। जिला व सत्र के जज वी.टी. सूर्यवंशी की अदालत ने 18 आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत न मिलने की वजह से बरी किया था।

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