WhatsApp Ban: इन देशों में वॉट्सऐप को किया जा चुका है बैन, जानिए भारत में भी क्यों उठ रही है मांग

WhatsApp Ban

नई दिल्ली। इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप Whatsapp इन दिनों अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर चर्चा में है। साथ ही वॉट्सऐप और सरकार के बीच नए IT नियमों को लेकर घमासान मचा हुआ है। ऐसे में कई लोग कह रहे हैं कि भारत में Whatsapp को बैन किया जा सकता है। हालांकि ऐसा होगा या नहीं, फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि आज के समय में भारत में वॉट्सऐप जरूरत बन चुका है। देश में इसके करोड़ों यूजर्स हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कई देशों में Whatsapp को बैन किया जा चुका है। अगर नहीं तो आइए आज जानते हैं।

इन देशों ने Whatsapp को बैन कर रखा है।

1. चीन

चीन ने Whatsapp को साल 2017 में ही बैन कर दिया था। वहां प्रतिबंध इसलिए लगाया गया था ताकि कंटेंट पर कंट्रोल किया जा सके। क्योंकि वॉट्सऐप की मजबूत एन्क्रिप्शन पॉलिसी के चलते यह मुमकिन नहीं था। साथ ही चीन में वॉट्सऐप को इसलिए भी बैन किया गया था ताकि चीनी कंपनी WeChat को प्रमोट किया जा सके।

2. उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया ने साल 2018 में वॉट्सऐप को बैन कर दिया था। हालांकि हैरान करने वाली बात यह है कि देश में इंटरनेट का संचालन नहीं है। फिर भी वहां Whatsapp को बैन कर दिया गया।

3. UAE

यूएई में वॉट्सऐप वीडियो कॉल और फेसटाइम नहीं चल सकता है। यहां वॉट्सऐप पर प्रतिबंध इस लिए लगाया गया है ताकि स्थानीय टेलीकम्युनिकेशन और देश के रेवेन्यू को बढ़ाया जा सके।

4. सीरिया

सीरिया में Whatsapp को एन्क्रिप्शन पॉलिसी के चलते बैन किया गया है। वहां की सरकार का मानना है कि देश के दुश्मन एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पॉलिसी की वजह से साजिश रच सकते हैं।

5. ईरान

ईरान में Whatsapp समेत कई मैसेजिंग ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया है। देश में इन्हें प्राइवेसी पॉलिसी के चलते बैन किया गया है। मालूम हो कि ईरान में साल 2019 में ट्विटर और फेसबुक पर भी बैन लगा दिया गया था।

भारत में क्यों उठ रही है इसे बैन करने की मांग?

दरअसल, भारत सरकार ने वॉट्सऐप को आदेश दिया था कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर सबसे पहले मैसेज भेजने के वाले की जानकारी जरूरत पड़ने पर सरकार के साथ साझा करें, लेकिन वॉट्सऐप ने कहा कि ऐसा करना उसकी पॉलिसी के खिलाफ है, ऐसा करने से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन टूट जाएगा। वहीं सरकार का कहना है कि फर्जी जानकारी साझा करने वाले असली या पहले सेंडर को ट्रैक करने से फर्जी न्यूज पर रोकथाम लगाई जाएगी। इस कारण से वॉट्सऐप को जानकारी देनी पड़ेगी। इस फैसले के बाद कंपनी ने हाई कोर्ट में सरकार के खिलाफ शिकायत दर्ज कर इस पर रोक लगाने की मांग की थी।

सरकार का क्या कहना है?

वहीं संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद का इस पर कहना है कि सरकार अपने नागरिकों की प्राइवेसी के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है, मगर देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कानून का पालन भी काफी जरूरी है। अगले 15 दिनों के अंदर Whatsapp, सरकार के नियमों को नहीं माना तो वह देश में कार्य नहीं कर पाएगा। हालांकि फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है कि भारत में वॉट्सऐप को बैन किया जाएगा या नहीं।

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