Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर, जानें कारण और उपाय

Cervical Cancer: क्या होता है सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय का कैंसर), जानें इसके लक्षण और बचने के उपाय

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Cervical Cancer: संसद में पेश हुए बजट में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय का कैंसर) को लेकर ऐलान किया गया है। जिसके अनुसार सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 9 से 14 वर्ष की आयु के बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा। तो चलिए जानते हैं कि आखिर सर्वाइकल कैंसर होता क्या है, साथ ही इससे बचने के उपाय क्या हैं।

   क्या है सर्वाइकल कैंसर  (गर्भाशय का कैंसर)

सर्वाइकल कैंसर को साधारण शब्दों में समझा जाए तो ये वो कैंसर है, जो महिलाओं के सर्विक्‍स सेल्‍स में पनपता है। यह यूट्रस यानी बच्चादानी का निचला हिस्‍सा होता है। ये वेजाइना से जुड़ा होता हे। इसे साधारण रूप से लोग बच्चादानी का कैंसर भी कहते हैं।

   क्यों होता है सर्वाइकल कैंसर

विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर एक स्‍पेशल तरह के एचपीवी, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्‍शन के कारण होते हैं। इसलिए जरुरी है कि इससे संबंधित सावधानी बरती जाए।

   सर्वाइकल कैंसर से बचने के उपाय

सर्वाइकल कैंसर की समस्या भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में महिलाओं के लिए एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अगर आप भी इस गंभीर बीमारी से बचना चाहती हैं तो चलिए जानते हैं सर्वाइकल कैंसर से बचने के तरीके।

   रेगुलर चेकअप है जरूरी

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है। इससे बचाव का पहला तरीका है। इसमें बचाव के लिए 20 साल से ज्‍यादा उम्र की लड़कियों और महिलाओं को रेगुलर चेकअप और वैक्सीनेशन कराना चाहिए।

   सर्वाइकल कैंसर से बचाव का वैक्सीनेशन

विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए रेगुलर चेकअप तो जरुरी है ही साथ ही साथ इसका वैक्शीनेशन भी होना चाहिए। एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर से बचाता है।  रेगुलर पैप स्‍मीयर से सर्विक्‍स में किसी भी प्रकार के असामान्य रूप से आने वाले बदलाव का पता शुरुआती स्टेज पर ही लगाया जा सकता है।  ताकि सही स्थिति का पता चलने पर समय रहते इलाज शुरू हो सके।

   सुरक्षात्मक सेक्सुअल रिलेशन

विशेषज्ञ के अनुसार सर्वाइकल कैंसर से बचने जा सबसे प्रथम उपाय सेफ सेक्सुअल रिलेशन है। इस उपाय को अपनाकर सर्वाइकल कैंसर से जुड़े एचपीवी और अन्य एसटीडी से काफी हद तक बचा जा सकता है। अपने जीवन के प्रति सतर्क रहते हुए एक ही पार्टनर के साथ सेक्‍सुअल रिलेशन रखें। संभोग के समय सेफ और अच्छी कंपनी के कंडोम आदि सुरक्षात्मक चीजों का उपयोग करें।

   धूम्रपान से बचें

अगर आप एल्कोहलिक या स्मोकिंग करती हैं तो ये आपके हार्ट के लिए तो हानिकारक है ही साथ ही साथ ये सर्वाइकल कैंसर की समस्या को भी बढ़ा सकता है। इसलिए इससे बचने के लिए आपको धूम्रपान से बचना होगा।

 अल्‍कोहल का सेवन कम करें

ज्‍यादा अल्‍कोहल लेने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए अल्‍कोहल का सेवन कम या बिल्‍कुल न करें। इन बदलावों को डेली रूटीन में शामिल करने से सर्वाइकल कैंसर का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है।

   वजन को कंट्रोल में रखें

शरीर का वजन बढ़ने से व्यक्ति को एक के साथ और बीमारियां घेरने लगती हैं। ऐसे में यदि आप एक महिला हैं तो आपको विशेष सावधान रहने की जरुरत है। इसलिए ध्यान रखें कि आप अपने वजन को नियंत्रित करें। अधिक वजन होने पर सर्वाइकल कैंसर का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

   तनाव से रहें दूर

किसी भी बीमारी को दूर करने में तनाव एक अहम भूमिका निभाता है। तनाव होने पर आपके शरीर की इम्यूनिटी वीक होने लगती है। ऐसे में जरुरी है कि आप अपने तनाव को दूर करने पर योगा और व्यायाम करें।

   क्या कहते हैं विशेषज्ञ

 

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