Western Calendar History : पश्चिमी कैलेंडर का उलझा हुआ इतिहास

मेलबर्न।  हमारे जीवन को व्यवस्थित करने के लिए बने आधुनिक पश्चिमी कैलेंडर का एक उलझा हुआ इतिहास है। उलझा हुआ इसलिए क्योंकि दिन और रात के चक्र तथा ऋतुओं के बीतने के साथ आकाशीय पिंडों की कक्षाओं के समन्वय में कठिनाई आती है। सूर्य के चारों ओर पृथ्वी की कक्षा द्वारा मापे गए एक साल में तकरीबन 365.2422 दिन होते हैं। एक वर्ष में 12.3683 चंद्र मास होते हैं। समाज पारंपरिक तौर पर यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि एक जैसे मौसम एक जैसे महीनों में ही आए। उदाहरण के लिए मेसोपोटामिया के प्राचीन कैलेंडरों में अतिरिक्त महीनों को जोड़कर समन्वित महीनों और मौसमों की गणना होती है। कुछ चंद्र प्रणालियों में हालांकि ऋतुओं में महीने बदल सकते हैं – यह इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के मामले में होता है।प्राचीन रोम के सौर कैलेंडर ने हमारे आधुनिक पश्चिमी कैलेंडर को जन्म दिया। जूलियस सीजर के 46/45 ईसा पूर्व के सुधारों के नाम पर बने जूलियन कैलेंडर में सौर वर्ष अनुमानित रूप से 365.25 दिनों का है और प्रत्येक चार वर्षों में एक दिन अतिरिक्त है। हमारा 11वां महीना नवंबर लातिन से निकला है।

ईसा मसीह का जन्म हुआ

अगस्त का महीना राजा अगस्तस के नाम पर पड़ा है। जैसे ही रोमन साम्राज्य दुनियाभर में फैला, जिसे हम अब मध्यकाल कहते हैं तो जिसने समय को सफलतापूर्वक मोड़ दिया वह शक्ति गिरजाघर की थी। कई बार 25 मार्च को उस दिन के तौर पर मनाया जाता है जब देवदूत जिब्राइल मैरी के पास आए। बाकी दिनों में यह 25 दिसंबर का दिन है जब माना जाता है कि ईसा मसीह का जन्म हुआ। ईस्टर संडे का दिन उत्तरी वसंत के अनुसार आता है जब दिन और रात बराबर होते है जो अंधेरे पर रोशनी की जीत का प्राकृतिक प्रतीक है। कैलेंडर हमें ऋतुओं के बदलते चक्रों, हमारे जीवन के आकार और इतिहास के बड़े क्षेत्रों का नक्शा देने में मदद करता है। लेकिन कैलेंडरों का इतिहास हमें यह पूछने के लिए विवश कर सकता है कि क्या हम अपने समय की व्यवस्था को और अधिक अच्छे तरीकों से बदल सकते हैं। इसका मतलब वैश्विक या राष्ट्रीय स्तर पर कैलेंडर बदलने से नहीं है।

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