हम डॉक्टर से चेक करवाते हैं या फिर खुद चेक करते हैं तो हमारे दोनों हाथों की बीपी अलग अलग आती है.

अक्सर डॉक्टर के पास BP चेक कराने जाते हैं तो वह एक हाथ में मशीन लगाते हैं, रीडिंग लेते हैं

सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है. हेल्दी लोगों में भी दोनों हाथों के BP में थोड़ा फर्क आना बिल्कुल नॉर्मल है

अगर दोनों हाथों के BP में 10–15 mmHg से ज़्यादा का फर्क बार-बार आ रहा है, खासकर ऊपर वाले नंबर (सिस्टोलिक) में, तो इसे हल्के में न लें.

एक कारण हो सकता है Peripheral Artery Disease. इसमें एक हाथ की धमनी में ब्लॉकेज आ जाता है, जिससे ब्लड फ्लो और BP रीडिंग प्रभावित होती है

हाल ही में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने एक वीडियो में बताया कि अगर सिस्टोलिक BP में 10 mmHg और डायस्टोलिक में 5 mmHg तक का फर्क है तो ये नॉर्मल है

मेडिकल गाइडलाइंस के मुताबिक, नए मरीजों या हाई हार्ट रिस्क वाले लोगों का BP दोनों हाथों में मापा जाता है।