MP Helicopter Service: एमपी पयर्टन की हेलिकॉप्टर सेवा बंद ! SC के आदेश पर वाइल्डलाइफ ने इन रूट्स पर लगाई रोक, जानें क्या है पूरा मामला ?

MP Helicopter Service: वाइल्डलाइफ प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभ रंजन सेन के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण विभाग इन रूटों पर उड़ान की अनुमति जारी नहीं कर सकता।

MP Helicopter Service

MP Helicopter Service: मध्यप्रदेश में पर्यटन निगम की हेलिकॉप्टर सेवा को बंद कर दिया गया है। इससे मध्यप्रदेश सरकार की हेलिकॉप्टर सेवा स्कीम को बड़ा झटका लगा है। यह रोक सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर वाइल्डलाइफ की ओर से लगाई गई है।

वाइल्डलाइफ प्रधान मुख्य वन संरक्षक शुभ रंजन सेन के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण विभाग इन रूटों पर उड़ान की अनुमति जारी नहीं कर सकता। विमानन आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला के मुताबिक, हेलिकॉप्टर सर्विस से जुड़ा पूरा काम मप्र पर्यटन निगम देख रहा है।

प्रतिबंधित रूट (सेवा बंद)

भोपाल-मढ़ई

भोपाल-पचमढ़ी

कारण: ये रूट ईको सेंसिटिव जोन के ऊपर से गुजरते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

आदेश की तारीख: 17 नवंबर 2025 (पांच दिन पहले)।

मामला: टीएन गोदाबर्मन केस।

निर्देश: सुप्रीम कोर्ट ने ईको सेंसिटिव जोन के ऊपर किसी भी तरह की फ्लाइंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

आधार: हेलीकॉप्टर संचालन से होने वाले अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण को प्रतिबंधित श्रेणी में रखा गया है।

फ्लाइंग ज़ोन की ऊंचाई: इको सेंसिटिव जोन की उच्चतम ऊंचाई वाले क्षेत्र से न्यूनतम 1000 फीट ऊपर ही फ्लाइंग जोन हो सकता है, इससे नीचे नहीं।

कोर्ट- तीन महीने में साइलेंस जोन घोषित करें

सुप्रीम कोर्ट ने संरक्षित क्षेत्रों और ईको सेंसिटिव जोन को 3 महीने में 'शांति क्षेत्र' घोषित करने का निर्देश दिया है, जहां उच्च ध्वनि स्तर व निम्न-ऊंचाई उड़ान प्रतिबंधित है।

साइलेंस जोन की शर्तों का हो रहा उल्लंघन

पर्यावरण विदों ने सरकार को लिखे पत्र में बताया है कि मप्र के टाइगर रिजर्व में प्रस्तावित हेलीपैड कोर सीमा से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। यह दूरी कोर्ट द्वारा निर्धारित 'शांति क्षेत्र' (साइलेंस जोन) की शर्तों और न्यूनतम 1000 फीट उड़ान ऊंचाई के नियम का उल्लंघन है।

आध्यात्मिक कॉरिडोर रूट पर सेवा जारी

यह रूट इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर को जोड़ता है। इस सेवा के उद्घाटन पर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों को टूरिस्ट सर्किट और हवाई यात्रा सुविधा से जोड़ा गया है।

समय व किराया:

इंदौर से उज्जैन: 20 मिनट

उज्जैन से ओंकारेश्वर: महज 40 मिनट

एक तरफ की उड़ान का कुल किराया: ₹11,500

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तीर्थ यात्री ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे

इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इस सुविधा से तीर्थ यात्री कम समय में ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। समय के अभाव वाले यात्री अब हेलिकॉप्टर सेवा से ओंकारेश्वर और उज्जैन आकर मप्र के दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।

नियम-सुविधा देख किया जाएगा हेली सर्विस

पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा है कि पर्यावरण नियमों और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर ही हेली सर्विस का संचालन किया जाएगा।

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हेली सर्विस में अब अतिरिक्त वजन पर शुल्क

इंदौर-उज्जैन और ओंकारेश्वर रूट पर ट्रांसभारत द्वारा संचालित हेली सर्विस में यात्रियों के लिए एक नया नियम लागू किया गया है। अब अधिक वजन वाले यात्रियों को अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा।

वजन आधारित अतिरिक्त शुल्क

80 किलोग्राम से अधिक वजन: यदि किसी यात्री का वजन 80 किलोग्राम से अधिक है, तो प्रति अतिरिक्त किलोग्राम ₹150 का शुल्क लिया जाएगा।

100 किलोग्राम से अधिक वजन: 100 किलोग्राम से अधिक वजन वाले यात्रियों से डबल सीट का किराया वसूला जाएगा।

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MP Tourism Helicopter Service: मध्य प्रदेश में पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए हेलिकॉप्टर सेवा की शुरुआत हो जा रही है। 20 नवंबर से एमपी टूरिज्म विभाग हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करने जा रहा है, जिसके बाद इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर सहित कई शहरों से सीधे पर्यटन, धार्मिक स्थलों और नेशनल पार्क तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। यह सुविधा यात्रियों का समय तो बचाएगी ही, पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा देगी।पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

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