शनि मार्गी होने के बाद दूसरा बड़ा ग्रह परिवर्तन

नवंबर के तीसरे हफ्ते में शनि मार्गी होने के बाद यह दूसरा बड़ा बदलाव है, जो कई राशियों के जीवन में नवीन ऊर्जा और उतार-चढ़ाव ला सकता है।

सांसारिक सुखों का कारक हैं शुक्र

ज्योतिष में शुक्र प्रेम, सौंदर्य, ऐश्वर्य, भौतिक सुख, रिश्ते और कला का ग्रह माना जाता है। गोचर के दौरान इन क्षेत्रों में परिवर्तन देखने मिलेंगे।

शुक्र गोचर से पड़ेगा ये असर

वृश्चिक में प्रवेश के बाद विभिन्न जातकों की की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इन्हें भावनाओं में बहकर फैसले लेने से बचना होगा।

शुक्र गोचर का स्वास्थ्य पर प्रभाव

शुक्र गोचर के दौरान लोगों को रक्त विकार, त्वचा समस्या या हार्मोनल असंतुलन की परेशानियां बढ़ सकती हैं। सावधानी और नियमित दिनचर्या जरूरी है।

शुक्र गोचर से किन राशियों को रहना होगा सतर्क

शुक्र गोचर से कन्या राशि, जो शुक्र की नीच राशि है, उन्हें भी विशेष ध्यान देना होगा।

शुक्र की स्व और नीच राशियां कौन सी हैं

ज्योतिष में शुक्र की उच्च राशि मीन, नीच राशि कन्या होती है।

शुक्र को मजबूत करने के उपाय

Shukra Gochar 2025: शुक्रवार का व्रत रखें, सफेद वस्त्र, सुगंध का प्रयोग करें, मां लक्ष्मी की पूजा करें। साथ ही मंत्र: ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का जाप करें।

शुक्र का वृश्चिक में गोचर कब होगा

ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार सांसारिक सुखों के कारक शुक्रवार अपनी स्वराशि तुला छोड़कर मंगल के घर में प्रवेश कर गए हैं।