सोने से पहले फोन की ये सेटिंग ऑन है? नींद भूल जाइए

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन सोते समय मोबाइल की कुछ सेटिंग्स, हमारी नींद को चुपचाप खराब कर रही हैं। कई लोग रोज़ 7 से 8 घंटे सोते हैं, फिर भी सुबह उठते ही थकान, भारीपन और चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं। इसका कारण सिर्फ तनाव या खान-पान नहीं, बल्कि आपका मोबाइल फोन भी हो सकता है।

असली समस्या: Notifications

मोबाइल पर आने वाले WhatsApp, Instagram और YouTube के नोटिफिकेशन आपकी नींद के सबसे बड़े दुश्मन हैं। जब भी फोन में कोई अलर्ट आता है,दिमाग तुरंत एक्टिव हो जाता है। भले ही आप स्क्रीन न देखें, फिर भी आपका दिमाग अलर्ट मोड में चला जाता है।

दिमाग क्यों आराम नहीं कर पाता?

हर नोटिफिकेशन दिमाग को “जागने” का संकेत देता है। इससे नींद की गहराई कम हो जाती है। कई बार लोग रात में बार-बार जागते हैं, लेकिन उन्हें पता भी नहीं चलता कि वजह मोबाइल अलर्ट हैं।

Night Mode भी क्यों बेकार साबित होता है?

कई लोग सोचते हैं कि Night Mode या Blue Light Filter चालू करने से नींद बेहतर हो जाएगी। लेकिन असली समस्या रोशनी नहीं, बल्कि बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन हैं, जो दिमाग को शांत नहीं होने देते।

सबसे खतरनाक ऐप्स

नींद खराब करने वाले मुख्य ऐप्स हैं: WhatsApp, Instagram, YouTube इन ऐप्स से आने वाले मैसेज,और रील्स आपको सोने नहीं देती।

शरीर पर पड़ने वाले असर

नींद खराब होने से ये समस्याएं हो सकती हैं, सुबह सिर भारी रहना, चिड़चिड़ापन, आंखों में जलन, दिन में बार-बार झपकी, मोबाइल की लत, लंबे समय तक नींद की कमी से मानसिक और शारीरिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

अच्छी नींद के 3 आसान उपाय

सोने से पहले ये काम ज़रूर करें: DND/Focus Mode ऑन करें , सिर्फ कॉल की अनुमति दें, फोन को बिस्तर से दूर रखें इससे दिमाग को आराम मिलेगा और नींद गहरी होगी।

परेशानी का हल

नींद की गोली लेने से बेहतर है कि आप अपनी मोबाइल सेटिंग बदलें। आज ही नोटिफिकेशन बंद करें और फर्क खुद महसूस करें।