कुछ देशों में क्रिसमस 25 दिसंबर के बजाय 7 जनवरी को मनाया जाता है। इसका कारण है जूलियन कैलेंडर, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से अलग है।
पूर्वी रूढ़िवादी ईसाई देश जैसे,यूक्रेन, रूस और इथियोपिया यहां क्रिसमस 'लेट' नहीं, बल्कि उनके कैलेंडर के हिसाब से सही समय पर होता है।
यूक्रेन में क्रिसमस पर 12 पारंपरिक व्यंजन, मेज़ के नीचे घास, आध्यात्मिक और पारिवारिक उत्सव होता है।
क्रिसमस ट्री सजाने की परंपरा जर्मनी से शुरू हुई। यहीं से यह इंग्लैंड और फिर पूरी दुनिया में फैली आज यह क्रिसमस की सबसे बड़ी पहचान है।
स्कैंडिनेविया देशों में 24 दिसंबर (क्रिसमस ईव) सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इसमें घर सजाना, केक बनाना और जंगल से पेड़ लाना परंपरा है।
अर्जेंटीना और चिली जैसे देशों में गर्मी के मौसम में क्रिसमस सेलिब्रेट होता है। देर रात तक आतिशबाजी होती है। इसके साथ ही सड़कों पर नाच-गाना और जश्न होता है।
भारत में क्रिसमस 25 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिन चर्चों में सजावट, मिडनाइट मास, प्रयागराज जैसे शहरों में खास रौनक देखने को मिलती है