क्रैनबेरी में विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो इम्युनिटी से लेकर हार्ट हेल्थ, पूरे शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। यह पाचन, किडनी और यूरिनरी सिस्टम को मजबूत बनाने में भी मददगार है।
करौंदा के सेवन की सलाह आयुर्वेद में भी मिलती है। इसमें विटामिन C, B और आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है। यह पाचन को भी बेहतर करता है। इन्हीं खूबियों के कारण करौंदा, डाइट बैलेंसर की तरह खाया जाता है।
करौंदे का सेवन मूत्र संक्रमण से बचाव करता है। यह बैक्टीरिया को ब्लैडर की दीवारों पर चिपकने से रोकता है, जिससे यूटीआई का खतरा कम हो जाता है।
करौंदे में मैग्नीशियम होता है, जो नसों को शांत कर तनाव कम करने में मदद करता है। यह मन को रिलैक्स करने और मूड सुधारने में भी सहायक माना जाता है।
करौंदे (क्रैनबेरी) में पाए जाने वाले पॉलीफेनॉल (Polyphenols) दिल की रक्त नलियों के कार्य को बेहतर बनाते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल और स्ट्रेस को कम करने में भी मदद करता है।
करौंदे का जूस भी आसानी से बनाया जा सकता है और यह शरीर को ठंडक, पाचन में सुधार और इम्युनिटी बढ़ाने जैसे फायदे देता है।
करौंदे को हरी मिर्च और धनिया के साथ पीसकर इसकी चटनी बनाकर खाई जा सकती है या थोड़े तेल में राई भूनकर कटे, करौंदे और हरी मिर्च डालकर हल्का सा छौंक लगाएँ। यह रोटी के साथ बहुत स्वादिष्ट लगता है।