पीरियड्स के दौरान डार्क चॉकलेट खाना सिर्फ क्रेविंग ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। अगर सही मात्रा और सही डार्क चॉकलेट ली जाए.
इसमें मैग्नीशियम, फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो मांसपेशियों को आराम देते हैं, एंडोर्फिन बढ़ाकर खुशी महसूस कराते हैं और तनाव कम करते हैं.
डार्क चॅाकलेट 70% या उससे ज़्यादा कोको वाली खाना चाहिए, पर ज़्यादा मात्रा में चॅाकलेट खाने से कैलोरी और वजन बढ़ सकता है.
डार्क चॉकलेट में मैग्नीशियम होता है, जो मांसपेशियों को रिलैक्स करता है। पीरियड्स में डार्क चॉकलेट खाने से पेट, कमर दर्द और क्रैम्प्स में राहत मिलता है.
पीरियड्स में हार्मोन बदलने से मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। डार्क चॉकलेट में मौजूद सेरोटोनिन, एंडोर्फिन मूड को अच्छा बनाते हैं और तनाव कम करते हैं.
डार्क चॉकलेट के एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की सूजन और भारीपन को कम करमे में मदद करता हैं.
डार्क चॉकलेट शरीर को रिलैक्स करती है, जिससे नींद बेहतर आती है और बेचैनी कम होती है.