यह एक सरल सांस लेने की तकनीक है जो मन को शांत करती है, तनाव घटाती है और फोकस बढ़ाती है। इसे Navy Seals भी उपयोग करते हैं।
दिमाग लगातार ओवरलोड रहता है। काम, शोर, भीड़, प्रदूषण सब मिलकर मानसिक दबाव बढ़ाते हैं। Box Breathing इस तनाव को कुछ मिनटों में धीमा कर देता है।
4 सेकंड तक सांस अंदर लें, 4 सेकंड तक रोकें, 4 सेकंड में सांस बाहर छोड़ें, फिर 4 सेकंड रोकें। यह 4×4 एक पूरा चक्र (Cycle) है। इसे 4–5 बार दोहराएं।
यह दिमाग की अस्थिर दौड़ को रोकती है। दिल की धड़कन स्थिर होती है। बेचैनी, ओवरथिंकिंग और मूड स्विंग्स धीरे-धीरे कम होते हैं।
सांस की समान लय शरीर को संकेत देती है कि खतरा खत्म है। नर्वस सिस्टम रिलैक्स मोड में जाता है। कुछ मिनट में ही शरीर हल्का महसूस करता है।
धीमी, नियंत्रित सांस दिमाग को ऑक्सीजन देती है। ध्यान भटकने की आदत कम होती है। काम, पढ़ाई और रचनात्मक सोच सब में साफ फर्क दिखता है।
प्रदूषण के बीच हम अनजाने में तेज और उथली सांस लेते हैं। Box Breathing सांस को गहरा और नियंत्रित बनाता है, जिससे फेफड़ों पर दबाव कम पड़ता है और ऑक्सीजन बेहतर तरीके से मिलती है।
सुबह की शुरुआत, काम के बीच ब्रेक, सोने से पहले या तनाव बढ़ते ही, कभी भी कर सकते हैं। बस 2 मिनट निकालिए और शरीर-मन दोनों को रीसेट कर लीजिए।