Waseem Rizvi: वसीम रिजवी मुस्लिम धर्म, जानिए किस प्रक्रिया के तहत कोई दूसरा धर्म कैसे अपनाता है?

Waseem Rizvi

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी Waseem Rizvi ने सोमवार को इस्लाम धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया। अब उन्हें जितेंद्र नारायण त्यागी के नाम Jitendra Narayan Tyagi से जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म दुनिया का सबसे पहला धर्म है। जितनी उसमें अच्छाइयां पाई जाती हैं, उतनी किसी और धर्म में नहीं। लेकिन सवाल ये है कि क्या कोई भी व्यक्ति हिंदु धर्म को अपना सकता? यदि हां, तो इसकी प्रक्रिया क्या है?

दूसरे धर्मों में सरल है प्रक्रिया

हिंदू धर्म के अलावा अगर कोई ईसाई बनना चाहता है तो चर्च में पादरी के पास जाइए और एक छोटी सी संस्कार प्रक्रिया के बाद आप ईसाई बन सकते हैं। इसी तरह, मुस्लिम बनने के लिए मस्जिद में इमाम की मदद से धर्म परिवर्तन हो सकता है। लेकिन हिंदू बनने की प्रक्रिया और विधि क्या है? जानकार मानते हैं कि हिंदू बना नहीं जा सकता, क्योंकि हिंदू होना एक जीवन शैली है इसके लिए इसके दर्शन और अध्यात्म को समझने की जरूरत है। आप किसी मंदिर में जाकर किसी खास संस्कार या प्रक्रिया के तहत आप हिंदू नहीं बन सकते, हालांकि आप कुछ स्टेप्स को फॉलो करके इस धर्म को अपना जरूर सकते हैं।

मुख्य तौर पर हिंदू धर्म को लोग 2 तरीके से अपना सकते हैं

1. कानूनी तौर पर

2. धार्मिक स्थल पर जाकर

क्या है कानूनी तरीका

धर्म बदलने के लिए सबसे पहले आपको एक एफिडेविट बनवाना होता है। इसे एक प्रकार से आप शपथपत्र भी कह सकते है। इस एफिडेविट में आपका बदला हुआ नाम, बदला हुआ धर्म और अड्रेस लिखा होता है। इस एफिडेविट में आपको अपना एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र भी शामिल करना होता है। इसके बाद आपको किसी भी राष्ट्रीय दैनिक अखबार में अपने धर्म परिवर्तन की जानकारी का विज्ञापन प्रकाशित कराना होता है।

गजट ऑफिस में आवेदन

हालांकि इन प्रक्रिया से पहले आपको गजट ऑफिस में एक आवेदन करना होता है। हर प्रदेश का अपना गजट ऑफिस होता है। जिला स्तर पर ये काम जिलाधिकारी कार्यालयों से होता है। इसमें कई डाक्युमेंट्स और पासपोर्ट साइज की फोटो लगती है। जब आप आवेदन करते हैं तो इसकी प्रक्रिया पूरी होने में 60 दिन का समय लग सकता है। नया नाम धर्म के साथ इस गजट में दर्ज दिया जाता है। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जैसे ही गजट में बदला हुआ नाम आ जाए। समझ लीजिए कि आपने आधिकारिक तौर पर मनचाहे धर्म में प्रवेश कर लिया है। कानूनी तरीके से कोई भी अपना धर्म आसानी से बदल सकता है।

मंदिर में जाकर धर्म परिवर्तन

जैसा कि मैंने आपको पहले ही बताया कि आप दो तरीके से हिंदू धर्म को अपना सकते हैं। पहला कानूनी तरीका और दूसरा मंदिर में यज्ञ और पूजा-पाठ करते इस काम को पूरा किया जा सकता है। हालांकि ध्यान देने योग्य बात ये है कि यहां आपको कानूनी प्रक्रिया को भी पूरा करना होगा। मंदिर से अगर कोई व्यक्ति हिंदू धर्म में प्रवेश करता है उसका पहले मंदिर का पुजारी शुद्धिकरण संस्कार करता है। इसके बाद पूजा-पाठ करके कोई शख्स हिंदू धर्म में शामिल हो सकता है।

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश माना जाता है

भारत को एक धर्मनिरपेक्ष देश माना जाता है, इसलिए यहां का कानून किसी भी व्यक्ति को अपने आजादी से धर्म अपनाने की आजादी देता है। लेकिन आए दिन हम देखते हैं कि कोई भी व्यक्ति अगर धर्म बदलता है तो उसके साथ ढेरों सवाल खड़े होते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि कई लोग बस पैसे के नाम पर धर्म परिवर्तन कर लेते हैं और कुछ लोग इस काम को रैकेट की तरह चलाते भी हैं। इस कारण से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों ने अपने यहां इसे रोकने के लिए कानून भी बनाया है, ताकि किसी व्यक्ति को लालच देकर या जबरदस्ती धर्म परिवर्तन न कराया जा सके।

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