ठाकुर रोशन सिंह असहयोग आंदोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुए गोलीकांड में सजा काटने के बाद जब शांति से जीवन बिताने के लिए घर लौटे, परन्तु जल्द ही हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन में शामिल हो गए। 9 अगस्त 1925 को काकोरी स्टेशन के पास जो सरकारी खजाना लूटा गया था उसमें ठाकुर रोशन सिंह शामिल नहीं थे, फाँसी से पहली रात ठाकुर रोशन सिंह कुछ घण्टे सोये फिर देर रात से ही ईश्वर भजन करते रहे। पहरेदार से कहा-
आत्मा तो अजर-अमर है, मैं दोबारा जन्म लूँगा, पढ़ लिखकर फिर देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करूँगा और देश स्वतंत्र होने पर फिर विवाह करूँगा और उस विवाह की तैयारी मैंने आज ही की है।
1924 -रामसे मैक्डोनाल्ड ब्रिटेन में लेबर पार्टी के पहले प्रधानमंत्री बनें थे।
1963 - देहरादून में दृष्टिहीनों के लिए राष्ट्रीय पुस्तकालय की स्थापना हुई।
2009 - फ़िल्म स्लमडॉग मिलियनेयर को ऑस्कर के लिए नामांकन हुआ था।
2021 - देश के नामी भजन गायकों में शुमार नरेंद्र चंचल का निधन हुआ था।
2024 - अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक आयोजन हुआ था।
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