Jagdeep Dhankhar: भोपाल के एक कार्यक्रम में बोले पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़, नैरेटिव के चक्रव्यूह से बचने की दी सलाह

भोपाल के एक कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि कोई भी व्यक्ति नैरेटिव के चक्रव्यूह में न फंसे, क्योंकि इससे निकलना बेहद मुश्किल होता है। उनके बयान पर कार्यक्रम स्थल पर जोरदार तालियां गूँज उठीं।

भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने नैरेटिव की राजनीति पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “भगवान करे कोई नैरेटिव के चक्कर में न फंस जाए। इस चक्रव्यूह में अगर कोई फंस गया तो बाहर निकलना बहुत मुश्किल है… मैं अपना उदाहरण नहीं दे रहा हूं।”

उनके इस बयान पर कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने जोरदार तालियां बजाईं। धनखड़ ने यह भी कहा कि आज के समय में नैरेटिव बनाना और उसे फैलाना बहुत आसान हो गया है, लेकिन सच्चाई और तथ्यों से दूर जाने का खतरा भी उतना ही बड़ा है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी नैरेटिव को आंख बंद करके न मानें, बल्कि उसकी जांच करें, सोचें और तथ्य आधारित समझ बनाएं। उनके बयान को राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों ने “सिस्टम के भीतर से आई ईमानदार चेतावनी” बताया है।

यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और कई लोग उनकी साफगोई की सराहना कर रहे हैं।

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