लगेज इंडस्ट्री VIP की‌‌ ऑनरशिप बदलेगी: वीआईपी का मैनेजमेंट छोड़ेंगे फाउंडर दिलीप पीरामल, कारण- बेटियों की दिलचस्पी नहीं

VIP Industries Promoter Exit: देश की सबसे बड़ी लगेज कंपनी VIP इंडस्ट्रीज में बड़ा बदलाव हो रहा है। प्रमोटर दिलीप पीरामल और उनका परिवार 32% हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं। कंपनी का मैनेजमेंट अब PE निवेशकों के हाथों में होगा।

लगेज इंडस्ट्री VIP की‌‌ ऑनरशिप बदलेगी: वीआईपी का मैनेजमेंट छोड़ेंगे फाउंडर दिलीप पीरामल, कारण- बेटियों की दिलचस्पी नहीं

VIP Industries Promoter Exit: देश की सबसे बड़ी लगेज कंपनी VIP इंडस्ट्रीज में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। कंपनी के प्रमोटर दिलीप पीरामल और उनका परिवार अब मैनेजमेंट से हटने जा रहे हैं। उन्होंने कंपनी में अपनी 32% हिस्सेदारी बेचने का ऐलान किया है। यह हिस्सेदारी 388 प्रति शेयर की दर से बेची जाएगी, जो कि मौजूदा बाजार भाव 482 से करीब 19% कम है।

इस फैसले के बाद पीरामल परिवार की हिस्सेदारी घटकर 19.7% रह जाएगी और कंपनी की कमान अब प्राइवेट इक्विटी निवेशकों (PE Investors) के पास जा सकती है।

[caption id="attachment_858591" align="alignnone" width="1024"]publive-image VIP इंडस्ट्रीज के पास VIP, Skybags, Carlton, Aristocrat, Caprese जैसे मजबूत ब्रांड्स हैं।[/caption]

VIP तो भारत में लगेज इंडस्ट्री की लीडर है, फिर ये बदलाव क्यों?

VIP इंडस्ट्रीज के पास भारत की लगेज मार्केट में 38% हिस्सेदारी है और इसके 8,000 से ज्यादा आउटलेट्स हैं। कंपनी के पास VIP, Skybags, Carlton, Aristocrat, Caprese जैसे मजबूत ब्रांड्स हैं। इसके बावजूद, पिछले 5 वर्षों में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहा है। पिछले साल की चारों तिमाहियों में घाटा हुआ है। तेजी से बदलते बाजार और प्रतिस्पर्धा के दौर में कंपनी मैनेजमेंट ग्रोथ नहीं दिखा पाया। यही वजह है कि प्रोफेशनल मैनेजमेंट और नई सोच के लिए बदलाव जरूरी माना गया।

कंपनी मैनेजमेंट ने 2 साल पहले हिस्सेदारी बेचने का ऑफर ठुकरा दिया था, अब क्यों बेच रहे हैं?
जब VIP का शेयर प्राइस ₹700 से ऊपर था और मार्केट कैप ₹10,000 करोड़ तक पहुंच गया था, तब दिलीप पीरामल ने हिस्सेदारी बेचने का ऑफर ठुकरा दिया था। अब मार्केट कैप गिरकर ₹6,847 करोड़ रह गया है। कंपनी लगातार पिछड़ रही है, ऐसे में पीरामल परिवार का मानना है कि नई टीम कंपनी को फिर से ग्रोथ की राह पर ला सकती है।

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क्यों बेच रहे हैं कंपनी के शेयर?

दिलीप पीरामल ने बताया कि उनके परिवार की नई पीढ़ी को कंपनी के संचालन में रुचि नहीं है। साथ ही, पिछले पांच वर्षों में VIP इंडस्ट्रीज का मार्केट शेयर लगातार गिरा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की नेट सेल्स 2% घटकर 2,169 करोड़ रुपये रही, और उसे 81 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा भी हुआ। इन कारणों से परिवार ने मैनेजमेंट से पीछे हटने और हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है।

दिलीप पीरामल का कहना है कि हमने बाजार में लीडरशिप बरकरार रखी, लेकिन प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। युवा पीढ़ी कंपनी के मैनेजमेंट में रुचि नहीं ले रही है। ऐसे में प्रोफेशनल मैनेजमेंट को मौका देना सही फैसला है। उन्होंने यह भी कहा कि वे चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका में रहेंगे, लेकिन नए मैनेजमेंट के काम में दखल नहीं देंगे। बोर्ड में सिर्फ उनकी पत्नी प्रतिनिधित्व करेंगी।

पीरामल फैमिली के बाहर होने पर अब क्या होगा?

अब VIP इंडस्ट्रीज की कमान प्राइवेट इक्विटी (PE) निवेशकों के एक समूह को मिलने जा रही है, जिसमें कुछ नाम हैं मिथुन पदम सचेती, सिद्धार्थ सचेती और कई पीई फंड्स व गिफ्ट सिटी इन्वेस्टर्स।

इससे उम्मीद की जा रही है कि नया मैनेजमेंट कंपनी में गति और नवाचार लेकर आएगा। इसके साथ ही प्रोफेशनल मैनेजमेंट सिस्टम अपनाएगा। भारत और इंटरनेशनल मार्केट में बिजनेस विस्तार पर ध्यान देगा। वहीं एयर ट्रैवल बढ़ने और छोटे शहरों से कनेक्टिविटी के चलते लगेज सेक्टर की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में VIP इंडस्ट्रीज के पास ग्रोथ के नए मौके हैं।

कंपनी का सफर और मजबूती

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