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Vegetable Side Effects: सब्जियां खाना हमारी सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में पौष्टिक तत्व होते हैं जो कि शरीर के लिए बहुत जरुरी होते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि कुछ सब्जियां आपकी बॉडी के लिए जितनी पौष्टिक होती है उतनी ही साइड इफेक्ट्स की संभावनाएं भी होती है।
ये साइड इफेक्ट्स आपके लिए कुछ देर के लिए परेशान कर सकते हैं, हालांकि ये आपके लिए हानिकारक नहीं होते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही कुछ सब्जियां जिसके साइड फेक्ट्स देखने पड़ सकते हैं।
मशरूम- चकत्ते
मशरूम को विटामिन-डी का अच्छा स्त्रोत माना जाता है, लेकिन कई लोगों को इसके साइड-इफेक्ट्स झेलने पड़ते हैं। जी हां, कुछ लोगों को मशरूम खाने से एलर्जी हो सकती है। जिससे त्वचा पर चकत्ते होना सामान्य परेशानी है।
Shiitake मशरूम के सेवन से होने वाले चकत्ते को shiitake डर्माटाइटिस के रूप में जाना जाता है। इस मशरूम कच्चा या फिर कम पकाने के खाने से सिर्फ कुछ लोगों को एलर्जी होती है।
गाजर- (त्वचा का नारंगी होना)
कई लोगों को गाजर खाने से रिएक्शन हो जाता है। जिससे उनकी त्वचा का रंग भी नारंगी हो जाता है। जी हां, अगर आप ज्यादा गाजर खाते हैं या फिर ऐसी चीजें जो बीटा-कैरोटीन से भरपूर होती हैं तो आपकी त्वचा का रंग पीला या फिर नारंगी हो सकता है। त्वचा के रंग में बदलाव पैरों, हाथों या पैरों के तलवों में खासतौर पर देखा जा सकता है।
दरअसल, आपके शरीर को जो अतिरिक्त बीटा-कैरोटीन मिलता है, वह आपके खून में जाने की जगह त्वचा के अंदर चला जाता है, जिसकी वजह से कुछ समय के लिए रंग बदला हुआ दिखता है।
गोभी- पेट से संबंधित तकलीफें
आपको बता दें कि गोभी की तरह दूसरी क्रूसीफेरस सब्जियां भी पेट की तकलीफें बढ़ाती हैं, जिससे पेट में ब्लोटिंग और गैस की समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि ये सब्जियां पोषण से भरपूर होती हैं, लेकिन इन्हें पचाने में भी काफी समस्याएं हो जाती हैं। खासकर जब इन्हें कच्चा खाया जाता है।
क्योंकि इन सब्ज़ियों में रेफीनोज़ नाम का एक कंपाउंड होता है, जो एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है। समस्या तब उत्पन्न होती है जब शरीर इस तरह के कंपाउंड को पचाने में असमर्थ होता है। क्योंकि इसे पचाने के लिए सही एंज़ाइम की ज़रूरत होती है। इसलिए बिना पकी ये सब्ज़ियां जब कोलन तक पहुंचती हैं, तो पेट में गैस या ब्लोटिंग जैसी तकलीफें को उत्पन्न होने लगती है।
चुकंदर- युरिन के कलर में बदलाव
चुकंदर खाने से वैसे तो हीमोग्लोबिन बढ़ता है, लेकिन कई बार चुकंदर खाने से लोगों के युरिन में बदलाव होने लगता है। कई बार लोगों को गुलाबी रंग की युरिन दिखाई देने लगती है। क्योंकि ये चुकंदर का साइड-इफेक्ट है। पैधे की पिग्मेंटेशन और उसमें मौजूद दूसरे कैमिकल कुछ देर के लिए युरिन का रंग बदल सकते हैं।
(नोट: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें उपयोग में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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