Vastu Tips For Key : घर में इस जगह भूलकर भी न रखें चाबियां, जानें क्या है वास्तु में इसके नियम

नई दिल्ली। हमारे घर में कई तरह की चाबियां होती हैं जिनके बिना काम होना मुश्किल होता है। पर क्या आप जानते हैं कि इन्हें रखने के भी कुछ वास्तु टिप्स होते हैं। गाड़ी हो या फिर तिजोरी की चाबी। सभी के लिए ये टिप्स अपनाना बेहद जरूरी है। अगर व्यक्ति इन नियमों का पालन करता है, तो इससे उनके जीवन में भी सकारात्मकता आती है। तो चलिए आप भी जान लें क्या हैं ये वास्तु टिप्स। हो सकता है कि अगर आप भी गलत तरीके से चाबियां रखते हैं इसलिए जीवन में परेशानियां आपका पीछा न छोड़ रही हों।

गाड़ियों की चाबियों की ये है दिशा —

आपको बता दें कई ऐसी चाबियां होती हैं, जिनका उपयोग लगभग हर दिन होता है। जैसे दुकान, व्हीकल की चाबियां। ऐसी चाबियां रोज मूव होती हैं। इन चाबियों को हमेशा उत्तर-पश्चिम दिशा में रखना चाहिए।

अलमारी की चाबी को रखें आग्नेय कोण में —
वहीं धन की अलमारी या प्रॉपर्टी से जुड़ी चाबियों को साउथ-वेस्ट व दक्षिण-पश्चिम में रखना बेहद जरूरी माना जाता है। इसके अलावा जिस प्रॉपर्टी को आप बेचना नहीं चाहते उसे भी इस स्थान पर रखें।

पूजा स्थान में न रखें चाबियां —

पूजा स्थल पर चाबियों को नहीं रखना चाहिए। इसके पीछे कारण ये है कि हम चाबियों को गंदे हाथों से छूते हैं और इसे कभी धोते भी नहीं। ऐसे में पूजा स्थान में गंदी चाबियों को रखने से आपको नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
किचन में भी चाबियों का रखना वर्जित है। क्योंकि किचन एक शुद्ध स्थान है।यहां चाबियों को रखना शुभ नहीं होता।

लॉबी में रखें चाबियां –

चाबियां आमतौर पर मेटल की बनी होती है और आप घर में एक ऐसी जगह पर चाबियां रखना चाहती हैं, जहां पर किसी भी तरह की चाबी को रखा जा सके। तो आप चाबी को लॉबी में पश्चिम की दिशा में रखें। इन्हें कभी भी ड्राइंग रूम में नहीं रखना चाहिए। ड्राइंग रूम में चाबियां रखने से बाहर से आने वाले लोग भी उन्हें देखते हैं और इससे नजर लग जाती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान —

  • भगवान की फोटो वाले कीरिंग का उपयोग चाबियों को रखने के लिए बिल्कुल न करें। इसे गंदे हाथ से छूने से उल्टा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
  • घर में चाबियों को रखने के लिए विशेष रूप से की-हैंगर का उपयोग करना चाहिए। यह भी ध्यान रहे कि ये प्लास्टिक का न बना हो।
  • वास्तु के अनुसार लकड़ी का की-हैंगर काफी अच्छा माना जाता है।
  • की-हैंगर में मिरर नहीं होना चाहिए।

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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