वर्ग 1 चयनित शिक्षकों का प्रदर्शन: डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन के बाद भी अटके 4 हजार से अधिक शिक्षकों के ज्वाइनिंग लेटर, रैली निकालकर पहुंचे डीपीआई

MP Selected Teachers Protest: वर्ग 1 के चयनित शिक्षक 6 सितंबर को रैली के रूप में डीपीआई भोपाल पहुंचे और जल्द ज्वाइनिंग देने की मांग की।

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MP Selected Teachers Protest: उच्च माध्यमिक यानी वर्ग 1 शिक्षक भर्ती 2023 शुरु से ही विवादों में रही है। अब इसे लेकर चयनित शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। विभाग ने दो महीने पहले इन चयनित शिक्षकों का डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के साथ च्वाइस फिलिंग करा ली।

बस ज्वाइनिंग लेटर ही मिलना था, लेकिन वो अब तक जारी नहीं हो सके। इससे नाराज चयनित शिक्षकों ने राजधानी भोपाल में 6 सितंबर को प्रदर्शन किया।

रैली के रूप में पहुंचे डीपीआई

चयनित शिक्षक रैली के रूप में लोक शिक्षक संचालनालय यानी डीपीआई पहुंचे। इस दौरान चयनित शिक्षकों ने जमकर नारेबाजी की।

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चयनित शिक्षकों का कहना है कि पहले एग्जाम क्रेक करने के लिए मेहनत की। अब जब मेरिट में आने के बाद सिर्फ नौकरी मिलना बाकी है तो ज्वाइनिंग लेटर के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

उच्च माध्यमिक (वर्ग 1) शिक्षक भर्ती 2023 एक नजर में

1. दिसंबर 2022 में भर्ती के लिए विज्ञापन यानी नोटिफिकेशन जारी हुआ।
2. मार्च 2023 में उम्मीदवारों के लिए पात्रता परीक्षा का आयोजन किया गया।
3. पात्रता परीक्षा में पास हुए उम्मीदवारों ने अगस्त 2023 में चयन परीक्षा दी।
4. चयन परीक्षा का रिजल्ट फरवरी 2024 में आया, जिसके आधार पर मेरिट बनी।

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5. DPI ने 14 से 18 जून तक 3390 कैंडिडेट के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन कराए।
6. ट्राइबल विभाग ने 6 से 8 अगस्त तक 651 कैंडिडेट के डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन कराए।
7. इन 4041 कैंडिडेट की पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी ज्वाइनिंग लेटर जारी ही नहीं हुए।

उच्च माध्यमिक (वर्ग 1) शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर ये भी विवाद

पदवृद्धि की मांग:प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के 21459 पद खाली हैं। इसके बावजूद विभाग सिर्फ 5052 फ्रेश पदों पर भर्ती कर रहा है। ये पद भी 16 विषयों में डिवाइड होना है।

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ऐसे में कई ऐसे उम्मीदवार हैं जो दो दो परीक्षा पास करने के बाद अच्छे नंबर लाने पर भी भर्ती से बाहर ही हैं। इसे लेकर लगातार उम्मीदवार पदवृद्धि की मांग कर रहे हैं और आंदोलन छेड़े हुए है।

EWS का मामला:उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2018 में विभाग ने EWS कैंडिडेट को नियुक्ति नहीं दी। जिसे उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया। ये मामला यहां कानूनी दावपेंच में उलझा हुआ है।

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दो सिंगल बेंच ने इस मामले में EWS कैंडिडेट के पक्ष में फैसला देते हुए नियुक्ति के आदेश दिये थे और आदेश के पालन होने तक नई भर्ती पर रोक लगा दी थी। अब ये मामला डबल बेंच में है।

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विभाग को ही निकालना होगा रास्ता

प्रदर्शन कर रहे चयनित शिक्षकों का स्पष्ट कहना है कि मामले में विभाग को ही रास्ता निकालना होगा। यही उसका काम भी है। जिन विवादों के कारण चयनितों की ज्वाइनिंग अटकाई है, वैसे भी इनका इस सबसे कोई लेनादेना नहीं है।

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विभाग को चाहिए कि जो भी दिक्क्तें हैं, उन्हें क्लीयर कर हम योग्यताधारी उम्मीदवारों को तत्काल ज्वाइनिंग दे।

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सरकार को दिया 10 दिन का अल्टीमेटम

चयनित शिक्षकों ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। चयनित शिक्षकों का कहना है कि हम चयनित होने के बाद भी मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

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चयनित हो जाने से हम कहीं और नौकरी भी नहीं कर पा रहे। ऐसे में परिवार भी आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहा है। यदि सरकार 10 दिन में ज्वाइनिंग नहीं देती है तो हम परिवार के साथ आंदोलन करेंगे।

DPI से मिला रूखा जवाब, अब आंदोलन की तैयारी

शाम करीब 5.30 बजे चयनित शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने डीपीआई आयुक्त से मुलाकात की। मुलाकात के बाद लौटे चयनित शिक्षकों ने बताया कि बंद कमरे में उन्हें बहुत रूखा जवाब मिला।

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आयुक्त ने साफ कहा कि इस तरह से आंदोलन करने से नौकरी नहीं मिलेगी। जो करना है वो करें। इसके बाद चयनित शिक्षक अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की रणनीति बना रहे हैं। जल्द ही इसे लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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