UP का मौसम: सीजन में पहली बार पारा 2.4°C, यूपी का इटावा मनाली से भी ठंडा!, पढ़ें आज का मौसम

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UP Weather Update : यूपी में पहाड़ों जैसी कंपाकंपा देने वाली ठंड पड़ रही है. पछुआ हवाओं ने गलन बढ़ा दी है. पिछले 24 घंटों के दौरान पारा सीजन में पहली बार 2.4°C रिकॉर्ड किया गया. यह शिमला और मनाली (2.6°C) से भी कम था.  कई जिलों में तापमान शून्य की तरफ रेस लगाता हुआ दिख रहा है.

इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार 7 जनवरी बुधवार यानी आज पूर्वी यूपी के साथ साथ पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में घना कोहरा रहेगा। आज बुधवार को प्रदेश के वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, चित्रकूट, बरेली, बिजनौर और सहारनपुर रामपुर, ललितपुर, महोबा, बांदा, में घने से घना कोहरा रहने की आशंका है। तो वहीं कई जिलों में दिन के समय भी रात जैसा तापमान जा सकता है। इन जिलों में आईएमडी ने ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। 

ठंड के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित

लखनऊ सहित उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का असर गाजियाबाद में साफ दिख रहा है। लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। डीएम के निर्देश पर जनपद के सभी बोर्डों से संबद्ध कक्षा 8 तक के स्कूल 10 जनवरी तक बंद रहेंगे।

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शीतलहर और कोहरे से बढ़ी मुश्किलें 

जनपद में पिछले कई दिनों से कोहरा छाया हुआ है और सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम देखी जा रही है। तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है, जिससे स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी खतरा बढ़ गया है। खासकर नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को ठंड का अधिक प्रभाव पड़ता है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल कक्षाएं बंद रखने का निर्णय लिया है।

प्रशासन की ओर से जारी आदेश

शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि 7 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक जनपद के नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसमें प्राइवेट सीबीएसई, आईसीएसई, यूपी बोर्ड और अन्य बोर्ड से संबद्ध स्कूल शामिल हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूल प्रशासन को निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कार्रवाई हो सकती है। 

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला

सुबह के समय बसों के निकलने पर कोहरे की वजह से विजिबिलिटी बेहद कम होती है, जो बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। कई अभिभावकों ने जिला प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि बच्चों को ठंड और मौसम से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों से बचाने के लिए यह जरूरी था। हालांकि कुछ लोग यह भी मानते हैं कि इससे पढ़ाई की गति प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे के फैसले लिए जाएंगे। 

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