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Swami Avimukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बच्चों से यौन शोषण के मामले में FIR होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई है। टीम उनसे पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी कर सकती है।
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- मैं गिरफ्तारी के लिए तैयार हूं
वहीं, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सोमवार सुबह अपने वकीलों के साथ बैठक की। वकीलों के केस को लेकर सुझाव लिया। माना जा रहा कि वह गिरफ्तारी पर रोक के लिए हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह कहीं भाग नहीं रहे हैं, इसलिए गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता। इसके बावजूद अगर गिरफ्तारी होती है, तो वह पुलिस का कोई विरोध नहीं करेंगे। वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे और सच्चाई सामने आएगी।
प्रयागराज पुलिस के वाराणसी पहुंचने के सवाल पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जो भी आएंगे, उनका स्वागत है। अगर कोई जांच की जा रही है तो उसमें हम पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस को किसी मामले के निस्तारण में जितनी रुचि है, उससे ज्यादा रुचि हमें भी है, ताकि जो कलंक लगाया गया है, उसका जल्द निस्तारण हो सके।
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अविमुक्तेश्वरानंद ने दिया रामचरितमानस का उदाहरण
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उन्होंने किसी अधिवक्ता को नहीं बुलाया है। अधिवक्ता न्यायालय में काम करेंगे, यहां उनकी कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, कुछ अधिवक्ता अपनी श्रद्धा और भावना से यहां खड़े हैं। उन्होंने रामचरितमानस के लंका कांड का उदाहरण देते हुए कहा कि विभीषण ने रावण को समझाते हुए कहा था- उभरे अंत न होई निबाहु, कालनेमि रावण राहु।” इसका अर्थ है कि जो भी छद्मवेशधारी, ढोंगी या पाखंडी होगा, उसके ढोंग का एक न एक दिन अंत जरूर होगा।
उन्होंने कहा कि रावण ने संन्यासी का वेश धारण किया था, लेकिन उसका पर्दाफाश हो गया। कालनेमि ने भी संन्यासी का वेश धारण किया था, लेकिन हनुमान जी के सामने उसका भी भंडाफोड़ हो गया। इसी तरह राहु ने देवताओं का वेश धारण कर अमृत पीने की कोशिश की, लेकिन उसका भी पर्दाफाश हो गया। इसलिए जो लोग भी छद्मवेश धारी हैं, उनका पर्दाफाश होना तय है।
अविमुक्तेश्वरानंद पर है यौन शोषण का आरोप
बीते रविवार को पुलिस, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची। उन्होंने माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों के साथ यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस ने उस स्थान का निरीक्षण किया, जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था। शिविर के प्रवेश-निकास मार्ग, पीछे के रास्ते और आसपास के इलाके का नक्शा तैयार किया।
प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी रवाना
दरअसल, आशुतोष महाराज ने प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में दो बच्चों को पेश कर गंभीर आरोप लगाए थे। बच्चों के बयान कोर्ट में कैमरे के सामने दर्ज किए गए। कोर्ट के आदेश पर शनिवार देर रात झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। मामले में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2–3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। बता दें कि इसी मामले को लेकर प्रयागराज पुलिस की टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई है। पुलिस अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ कर सकती है। इसके बाद उनको गिरफ्तारी की भी कर सकती है।
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