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Avimukteshwarananda Controversy: उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2026 में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर पहली बोला है। योगी ने कहा- हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता। अगर वह शंकराचार्य थे तो सपा वालों ने वाराणसी में उनके ऊपर लाठी क्यों चलवाई थी। CM Yogi Assembly Speech
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर सीएम योगी के बोल
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ जो कुछ हुआ, उसे लेकर आज सीएम योगी ने पहली बार सदन में बोला है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता है। अगर वह शंकराचार्य होते तो सपा वालों ने वाराणसी में उनके ऊपर लाठी न चलवाई होती। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति हर पीठ का आचार्य के रूप में मेले में जाकर जहां-तहां का वातावरण खराब नहीं कर सकता है।
माघ मेले की घटना पर सदन में पहली प्रतिक्रिया
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ी घटना पर मुख्यमंत्री ने पहली बार सदन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता है और मर्यादाओं को पालन सभी को करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वह शंकराचार्य है तो वाराणसी में उनके ऊपर लाठीचार्ज क्यों कराया और FIR क्यों दर्ज की गई। Yogi Adityanath on SP
सीएम योगी ने आगे कहा कि, "साढे चार करोड़ श्रद्धालु जहां पर आए हों, वहां पर जो एग्जिट गेट है जहां से श्रद्धालु बाहर निकल रहा है स्नान करके, वहां से भीतर जाने का प्रयास नई भगदड़ को जन्म दे सकता था... श्रद्धालुओं के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है... एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता है।" Vande Mataram Controversy UP
सदन में कानून व्यवस्था पर सरकार का रुख
लखनऊ में विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में हालात पहले जैसे नहीं रहे। उन्होंने कहा कि एक समय प्रदेश में बिटिया की सुरक्षा को लेकर भय का माहौल था और "देख सपाई बिटिया घबराई" जैसी कहावते प्रचलित थी, लेकिन मौजूदा सरकार ने उस स्थिति को बदलने का काम किया है।
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वंदे मातरम पर विपक्ष को घेरा
सीएम योगी ने अपने भाषण में वंदे मातरम न गाने के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश का अन्न खाते हैं लेकिन उन्हें वंदे मातरम बोलने में परेशानी होती है। ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इस मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता और राष्ट्रभाव से जुड़े मुद्दों पर समझौता नहीं होगा।
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