आम्रपाली ग्रुप पर ईडी का शिकंजा: 99 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त, कोलकाता से मुंबई तक छापेमारी

Amrapali Group ED Action: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  करीब 99.26 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है।

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Amrapali Group ED Action: मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए  करीब 99.26 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। ये संपत्तियां कोलकाता, फरीदाबाद और मुंबई में स्थित हैं।

ईडी के अनुसार, अब तक आम्रपाली ग्रुप की 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं और जांच अभी भी जारी है। आने वाले दिनों में और भी संपत्तियों पर कार्रवाई हो सकती है।

किन संपत्तियों को किया गया जब्त ?

ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में मौर्या उद्योग लिमिटेड का कार्यालय, फैक्ट्री की जमीन और भवन शामिल हैं। यह कंपनी सुरेका समूह से जुड़ी है, जिसके प्रमोटर नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका बताए गए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, 30 दिसंबर 2016 तक इन संपत्तियों का बाजार मूल्य 99.26 करोड़ रुपये आंका गया था। मौजूदा समय में इनकी कीमत इससे कहीं अधिक होने की संभावना है।

कैसे हुआ करोड़ों का पैसा डायवर्ट?

ईडी की जांच में सामने आया कि आम्रपाली ग्रुप के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया, अजय कुमार समेत अन्य आरोपियों ने मौर्या उद्योग लिमिटेड और जोतिंद्र स्टील एंड ट्यूब्स लिमिटेड के निदेशकों के साथ मिलकर टीएमटी बार और निर्माण सामग्री की खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये डायवर्ट किए। इसके लिए फर्जी कंपनियों का सहारा लिया गया, जिसके जरिए करीब 110.39 करोड़ रुपये मौर्या उद्योग लिमिटेड को ट्रांसफर किए गए।

घर का सपना दिखाकर किया गया गबन

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आम्रपाली ग्रुप ने हजारों फ्लैट खरीदारों से बड़ी रकम तो वसूली, लेकिन न समय पर घर दिए और न ही पैसे लौटाए। ग्राहकों की रकम का गलत इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते कई थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हुए। इन्हीं शिकायतों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

लंबे समय से जारी है ईडी की कार्रवाई

शनिवार को ईडी ने आम्रपाली ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान फरीदाबाद की फैक्ट्री के अलावा दिल्ली, मुंबई और कोलकाता स्थित ऑफिसों से जुड़ी संपत्तियों को सीज किया गया। ईडी की लखनऊ ज़ोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। जांच दिल्ली पुलिस, नोएडा पुलिस और दिल्ली की ईओडब्ल्यू में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत भी जांच

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 23 जुलाई 2019 के आदेश के अनुपालन में भी की जा रही है, जो आम्रपाली मामले में पीड़ित गृह खरीदारों की याचिकाओं से जुड़ा है। ईडी का मानना है कि यह कदम उन हजारों लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्होंने अपना जीवन भर का पैसा घर खरीदने में लगाया, लेकिन आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।

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