कानपुर में वार्ड-14 में इंदौर जैसा गंदा पानी: गर्भवती पार्षद अंजू कनौजिया को तबीयत बिगड़ने का डर, प्रशासन को दिया अल्टीमेटम, जानें क्या कहा

कानपुर के वार्ड-14 में बेहद खराब पानी की सप्लाई हो रही है। गर्भवती पार्षद अंजू कनौजिया ने नगर आयुक्त, मेयर और जलकल अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं मिला। अब अल्टीमेटम दिया है।

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Kanpur dirty water anju kanaujia: कानपुर शहर में पेयजल संकट एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है। यहां वार्ड-14 की महिला पार्षद अंजू सुनील कनौजिया उर्फ शालू कनौजिया ने अपने इलाके में लगातार मिल रहे दूषित पानी को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बता दें कि पार्षद शालू अभी गर्भवती हैं और उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि उनके या उनके अजन्मे बच्चे को कोई नुकसान हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कानपुर मेट्रो प्रोजेक्ट और जलकल विभाग की होगी।

चार मोहल्लों में महीनों से दूषित पानी

दरअसल, पार्षद ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने उनके और आसपास के चार मोहल्ले के दूषित पानी को लेकर आवाज बुलन्द की है। पार्षद द्वारा जारी वीडियो में दावा किया गया है कि संत रविदास नगर, विनोवा नगर, बुद्ध विहार और राखी मंडी में बीते कई महीनों से पीने के पानी में गंदगी, तेज बदबू और मल-मूत्र जैसी अशुद्धियां मिल रही हैं। हालात ऐसे हैं कि यह पानी न तो पीने लायक है और न ही नहाने या घरेलू इस्तेमाल के योग्य। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी आते ही बदबू फैल जाती है, जिससे बीमारी का डर हर समय बना रहता है।

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गंदगी के बीच पीने के पानी की पाइपलाइन

सीवर पानी मिलने का दावा

पार्षद अंजू कनौजिया ने इस संकट के लिए सीधे तौर पर मेट्रो निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि मेट्रो के दौरान पाइपलाइन बिछाने में लापरवाही हुई, जिससे पेयजल की मुख्य लाइनों को नुकसान पहुंचा और सीवर का गंदा पानी सप्लाई में मिल गया। इससे न केवल जलभराव की समस्या बढ़ी है, बल्कि पूरे इलाके में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बनते जा रहे हैं।

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दो दिन में समस्या का समाधान वरना गर्भवती का भूख हड़ताल

पार्षद का कहना है कि उन्होंने नगर आयुक्त, मेयर और जलकल अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। अब उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वह मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठेंगी। 

उन्होंने कहा कि वह सिर्फ एक पार्षद नहीं, बल्कि अपने वार्ड की महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की आवाज हैं। इलाके में दूषित पानी के कारण दस्त, पेट दर्द, त्वचा रोग और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। 

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