बांदा जेई दंपती मामला: निलंबित JE-पत्नी ने किया 34 मासूमों से शोषण 47 देशों में बेचीं अश्लील तस्वीरें, इंटरपोल की शिकायत खुला मामला, अब कोर्ट ने दी ये सजा...

यूपी के बांदा में 34 बच्चों के यौन शोषण और डार्कवेब के जरिए अश्लील सामग्री विदेशों में बेचने के मामले में विशेष POCSO अदालत ने निलंबित जेई रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती को फांसी की सजा सुनाई।

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Banda Child Sexual Abuse Case: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से बाल यौन शोषण का मामला सामने आया है, जो कि न केवल कानून बल्कि समाज को भी झकझोर देने वाला है। बांदा में 34 बच्चों के यौन शोषण और डार्कवेब के जरिए अश्लील सामग्री विदेशों में बेचने के मामले में विशेष POCSO अदालत ने निलंबित JE रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावति को फांसी की सजा सुनाई है।  

विशेष अदालत का ऐतिहासिक निर्णय

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दोषी निलंबित JE रामभनव

बांदा की विशेष POCSO अदालत ने सिंचाई विभाग के निलंबित जूनियर इंजीनियर रामभवन कुशवाहा और उसकी पत्नी दुर्गावती को 34 बच्चों के यौन शोषण और उनकी अश्लील तस्वारे व वीडियो विदेशों में बेचने के अपराध में दोषी ठहराया। अदालत ने इस अपराध को जघन्य अपराध की कैटेगिरी का मानते हुए कहा कि इसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है। बता दें कि तीसरे आरोपी की फाइल अलग कर दी गई है, जिस पर ई-मेल के जरिए जानकारी साझा करने का आरोप है और वह जमानत पर बाहर हैं। JE and Wife Sexual Exploitation

कोर्ट की सख्त टिप्पणी और मुआवजा आदेश

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महिला पुलिस ले जाते हुए महिला दोषी दुर्गावती

विशेष न्यायधीश प्रदीप कुमार मिश्रा ने 163 पन्नों के फैसले में कहा कि ये अपराध कई जिलों में योजनाबद्ध तरीके से किया गय़ा। अदालत ने राज्य सरकार को सभी पीड़ित बच्चों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा देने का निर्देश दिया। साथ ही आरोपियों के घर से बरामद नकदी को भी पीड़ितों में बराबर बांटने का आदेश दिया। रामभवन पर 6.45 लाख और दुर्गावती पर 5.40 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। POCSO Court Death Sentence 

इंटरपोल की शिकायत से खुला राज 

इस पूरे मामले का खुलासा इंटरपोल द्वारा दिल्ली में स्थित CBI कार्यालय को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी गई। शिकायत में सामने आया कि आरोपी तीन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर डार्कवेब के जरिए बच्चों की अश्लील सामग्री विदेशों में बेच रहा है। 195 देशों में सक्रिय इंटरपोल की ये सूचना जांत री पहली कड़ी बनी। 

CBI की छापेमारी और गिरफ्तारी

CBI ने महीनों की जांच के बाद 16 नवंबर 2020 को चित्रकूट के SDM कॉलोनी स्थित आरोपी दंपती के घर छापा मारा। छापे के दौरान दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि दुर्गावती ने पीड़ित बच्चों और उनके अभिभावकों को वकील के पास ले जाकर मामले को प्रभाविक करने की कोशिश की थी। गवाहों को फोन पर भी धमकाया था। 

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