BHU Violence Update: बीएचयू में देर रात बवाल, छात्रों और सुरक्षाकर्मियों में भिड़ंत, कई घायल, जानें कैसे भड़की आग

BHU Violence Update: सोमवार देर रात वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आधी रात के करीब छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुए विवाद ने अचानक हिंसक का रूप ले लिया।

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BHU Violence Update: सोमवार देर रात वाराणसी स्थित बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में रात अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आधी रात के करीब छात्रों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुए विवाद ने अचानक हिंसक का रूप ले लिया। देखते ही देखते कैंपस के एलडी गेस्ट हाउस चौराहे के आसपास पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज शुरू हो गया। हादसा इतना बड़ा था कि करीब 100 से अधिक छात्र, सुरक्षाकर्मी और पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई गंभीर रूप से घायल छात्रों को ट्रॉमा सेंटर तक ले जाना पड़ा। 

कैसे बिगड़े हालात?

कैंपस में तनाव तब और बढ़ गया जब गुस्साए छात्रों ने 10 से ज्यादा गमले, कुर्सियां और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आधा किलोमीटर तक सड़क पर ईंट-पत्थर बिखरे पड़े थे। तमिल संगमम के “वणक्कम काशी” वाले दो बड़े पोस्टर भी छात्रों ने फाड़ दिए। इस दौरान ब्रोचा हॉस्टल के एक छात्र का सिर फट गया। घायल छात्र ने बताया कि वह गलती से पथराव के बीच आ गया और सुरक्षाकर्मियों ने भी उसे पीट दिया।

झड़प की दो अलग–अलग कहानियां

घटना की वजह को लेकर दो अलग संस्करण सामने आए हैं एक में छात्रों का दावा है कि राजाराम हॉस्टल के पास एक कार चालक ने एक छात्रा को टक्कर मार दी। शिकायत लेकर गए छात्र के साथ गाड़ी मालिक की कहासुनी हो गई। बात फैलते ही छात्र इकट्ठा हो गए और मामला बढ़ गया।

प्रॉक्टोरियल बोर्ड का दावा

उनके मुताबिक घटना से पहले मुंह बांधे कुछ छात्र एक अन्य छात्र की पिटाई कर रहे थे। सुरक्षाकर्मी पहुंचे और आरोपियों को पकड़कर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के हवाले किया। इसी के बाद बड़ी संख्या में छात्र हॉस्टल से बाहर आए और सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया। इन दोनों दावों ने स्थिति को और उलझा दिया और माहौल अराजकता में बदल गया।

कुलपति आवास के बाहर देर रात धरना

झड़प के बाद घायल छात्रों के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र कुलपति आवास के बाहर इकट्ठा हुए। शुरू में माहौल शांत था, लेकिन कुछ ही देर में अचानक पथराव शुरू हो गया। इसके बाद भीड़ गेस्ट हाउस चौराहे तक पहुंची और वहां तोड़फोड़ करने लगी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तीन थानों की पुलिस, 10 पुलिस चौकियों का बल और चार ट्रक PAC को बुलाना पड़ा। सुरक्षा बलों ने छात्रों को हॉस्टल की ओर खदेड़कर हालात काबू में लाए। करीब तीन घंटे तक पूरा कैंपस रणभूमि जैसा नजर आया।

प्रशासन क्या कह रहा है?

ACP गौरव कुमार ने बताया, छात्रों और सुरक्षा गार्डों के बीच विवाद हुआ था। हालात बिगड़ते देख प्रॉक्टर ने पुलिस को बुलाया। स्थिति अब नियंत्रित है, पूरी जांच के बाद ही तथ्य सामने आएंगे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. शिव प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

घटना का सरल संस्करण 

एक छात्रा ने कार से टक्कर की शिकायत प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी। आरोप है कि बोर्ड ने शिकायत सुनने के बजाय छात्र को ही वहां से भगा दिया। इसकी जानकारी हॉस्टल तक पहुंची तो छात्र गुस्से में बाहर निकल आए। कुछ छात्रों ने मुंह पर गमछा बांधकर सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और PAC को बुलाया गया और देर रात के बाद माहौल शांत किया गया।

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