Uttar Pradesh Fertilizer Availability: किसानों को मिलेगी पर्याप्त खाद और उर्वरक, सीएम योगी ने कालाबाजारी पर कसा शिकंजा

Uttar Pradesh Fertilizer Availability: राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि यूरिया (Urea) का वास्तविक मूल्य 2,174 रुपये प्रति बैग है, लेकिन सब्सिडी

Uttar Pradesh Fertilizer Availability: किसानों को मिलेगी पर्याप्त खाद और उर्वरक, सीएम योगी ने कालाबाजारी पर कसा शिकंजा

हाइलाइट्स

  • यूपी के किसानों को मिलेगी पर्याप्त खाद और उर्वरक
  • सब्सिडी से मिल रहा किसानों को बड़ा लाभ
  • कालाबाजारी और तस्करी पर सख्त निगरानी

Uttar Pradesh Fertilizer Availability: उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि खरीफ और रबी सीजन के लिए प्रदेश में पर्याप्त खाद और उर्वरक उपलब्ध हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों को लगातार मॉनीटरिंग का आदेश दिया है ताकि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

मंडल (Division)यूरिया (Urea)डीएपी (DAP)एनपीके (NPK)
सहारनपुर (Saharanpur)1719569803062
मेरठ (Meerut)39104168648625
आगरा (Agra)474762991721267
अलीगढ़ (Aligarh)305622115116068
बरेली (Bareilly)429382056627914
मुरादाबाद (Moradabad)509911805729796
कानपुर (Kanpur)475864194632375
प्रयागराज (Prayagraj)523952147925262
झांसी (Jhansi)280902614616367
चित्रकूट (Chitrakoot)24891108853802
वाराणसी (Varanasi)444452712014643
मीरजापुर (Mirzapur)1586074483878
आजमगढ़ (Azamgarh)37589241609034
गोरखपुर (Gorakhpur)326342560115650
बस्ती (Basti)12848103224571
गोंडा (Gonda)17418199348953
लखनऊ (Lucknow)389203767536488
अयोध्या (Ayodhya)234482761624530
कुल (Total)604391393867302284

प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं – योगी सरकार

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि खरीफ और रबी दोनों सीजन के लिए खाद (Fertilizer) और उर्वरक (Urea, DAP, NPK) की पर्याप्त उपलब्धता है। कृषि विभाग (Krishi Vibhag) के मुताबिक, प्रदेश में 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया (Urea), 3.93 लाख मीट्रिक टन डीएपी (DAP) और 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके (NPK) उपलब्ध है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता से अधिक खाद का भंडारण न करें। उन्होंने कहा कि सरकार समय-समय पर खाद वितरण और उपलब्धता पर नज़र रख रही है, इसलिए घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है।

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सब्सिडी से मिल रहा किसानों को बड़ा लाभ

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि यूरिया (Urea) का वास्तविक मूल्य 2,174 रुपये प्रति बैग है, लेकिन सब्सिडी (Subsidy) के कारण किसानों को यह सिर्फ 266.50 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है। समय पर खाद, बीज (Seed) और सिंचाई (Irrigation) सुविधाओं की वजह से प्रदेश का खाद्यान्न उत्पादन (Foodgrain Production) बढ़कर 737 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच गया है। सिर्फ इतना ही नहीं, कृषि क्षेत्र से जुड़ा जीएसवीए (GSVA – Gross State Value Added) जो समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के शासन में 2 लाख करोड़ रुपये था, अब बढ़कर 7 लाख करोड़ रुपये हो चुका है।

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FAQ  

क्या इस समय उत्तर प्रदेश में किसानों को खाद (Fertilizer) की कमी का सामना करना पड़ रहा है?

जवाब: सरकार के अनुसार, प्रदेश में 6.04 लाख मीट्रिक टन यूरिया (Urea), 3.93 लाख मीट्रिक टन डीएपी (DAP) और 3.02 लाख मीट्रिक टन एनपीके (NPK) उपलब्ध है। इसका मतलब है कि खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद मौजूद है।

किसानों को यूरिया (Urea) कितने दाम में मिल रही है?

जवाब: यूरिया की असली कीमत 2,174 रुपये प्रति बैग है, लेकिन सब्सिडी (Subsidy) के चलते किसानों को यह मात्र 266.50 रुपये प्रति बैग में उपलब्ध कराई जा रही है।

कालाबाजारी और तस्करी रोकने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?

जवाब: प्रदेश सरकार सीमावर्ती जिलों में सख्ती बढ़ा रही है। जमाखोरी, कालाबाजारी और खाद-यूरिया (Fertilizer-Urea) की तस्करी करने वालों पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

कालाबाजारी और तस्करी पर सख्त निगरानी

योगी सरकार ने साफ किया है कि खाद (Fertilizer) की कालाबाजारी (Black Marketing), जमाखोरी (Hoarding) और तस्करी (Smuggling) पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। खरीफ 2024-25 में अब तक 32.07 लाख मीट्रिक टन खाद की बिक्री हुई है, जो पिछले साल से 4.5 लाख मीट्रिक टन अधिक है। रबी 2025-26 के लिए सरकार ने 138.78 लाख हेक्टेयर खेती का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए किसानों को 10 लाख क्विंटल अनुदानित बीज और 12.80 लाख मिनी किट दिए जाएंगे। गन्ना किसानों को दलहन-तिलहन की बुवाई के लिए मुफ्त बीज भी वितरित किए जाएंगे। सीमावर्ती जिलों (Border Districts) में उर्वरक की तस्करी रोकने के लिए चौकसी बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी व्यापारी कालाबाजारी या ओवररेटिंग करता पाया जाए तो उस पर तुरंत कार्रवाई हो।

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