दिनभर में बस इतने घंटे ही यूज करें ईयरफोन या हेडफोन: ज्‍यादा यूज करने से हो होगी समस्‍या, दिमाग और कानों को होगा नुकसान

Headphones Side Effects: ईयरफोन आज सबकी जरूरत बन चुका है। इसका अविष्कार कहीं न कहीं प्राइवेसी से सम्बंधित है।

दिनभर में बस इतने घंटे ही यूज करें ईयरफोन या हेडफोन: ज्‍यादा यूज करने से हो होगी समस्‍या, दिमाग और कानों को होगा नुकसान

Headphones Side Effects: ईयरफोन आज सबकी जरूरत बन चुका है। इसका अविष्कार कहीं न कहीं प्राइवेसी से सम्बंधित है।

इसके फायदे और नुकसान दोनों ही हैं। जहाँ आप प्राइवेसी से म्यूजिक सुन सकते है बात कर सकते हैं कोई भी वीडियो या फ़िल्म बिना किसी को डिस्टर्ब किए सुन सकते हैं।

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वहीं इसके बुरे प्रभाव आपकी सुनने की क्षमता पर पड़ता है। आपके कान दर्द करते हैं। कान के आस पास की स्किन भी दुखती है। आपको अंदर ही अंदर एक चुभन महसूस होती है।

यह कोई दायरा नही है कि आप इसका कितना इस्तेमाल करते हैं। यह सब की सुनने की क्षमता पर निर्भर करता है।

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सामान्‍य व्‍यक्तियों को कितने समय तक ईयरफोन या हेडफोन का यूज करना चाहिए।

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बॉडी की क्षमता पर निर्भर होता है समय

ऐसा कई बार देखने को मिलता है की कोई पर्सन लगातार लंबे समय तक इनका यूज कर लेता है, क्योंकि उसको आदत बन चुकी होती है।

वहीं पहली बार सुनने वाले लोगों को 4 से 5 मिनट में ही दर्द शुरू हो जाता है जिससे उसे असहज महसूस होता है।

आपको लगातार सुनने की बजाय कुछ समय का गैप देकर इसका यूज करना चाहिए।  इससे आपके कानो को रेस्ट भी मिल जाएगा और आपको कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होंगे।

ईयरफोन और हेडफोन कैसे करते हैं काम

इयरफ़ोन ध्वनि तरंगों का उत्पादन करते हैं जो हमारे कानों तक पहुंचते हैं, जिससे ईयरड्रम कंपन होता है। यह कंपन छोटी हड्डियों के माध्यम से आंतरिक कान तक फैलता है और कोक्लीअ तक पहुंचता है जो आंतरिक कान में एक कक्ष होता है जो एक तरल पदार्थ से भरा होता है और जिसमें हजारों छोटे 'बाल' होते हैं। जब यह कंपन कोक्लीअ तक पहुंचता है, तो द्रव कंपन बनाता है जिससे बाल भी हिलते हैं।

ध्वनि जोर से, कंपन अधिक मजबूत और बाल अधिक चलते हैं। ज़ोर से संगीत के लिए निरंतर और दीर्घकालिक संपर्क बाल कोशिकाओं को अंततः कंपन के प्रति अपनी संवेदनशीलता खो देता है।

कभी-कभी जोर से संगीत भी झुकने या तह करने वाली कोशिकाओं में परिणत होता है, जिससे अस्थायी सुनवाई हानि की अनुभूति होती है।

इन चरम स्पंदनों से बालों की कोशिकाएँ ठीक हो सकती हैं या नहीं भी। हालांकि, जब वे ठीक हो जाते हैं, तब भी वे ज्यादातर सामान्य रूप से कार्य नहीं कर सकते हैं जिससे स्थायी सुनवाई हानि या बहरापन हो सकता है और इससे उबरना लगभग असंभव होता है।

रोजाना इतना करें यूज

डॉक्‍टर्स की मानें तो हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल रोजाना 1 से 2 घंटे तक ही करना चाहिए। अगर आपको इससे ज्यादा देर तक इनका इस्तेमाल करना पड़े तो बीच-बीच में 10 से 20 मिनट का ब्रेक जरूर ले लें। अगर आप लगातार लंबे समय तक हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करते हैं तो इनसे कानों पर बुरा असर पड़ सकता है।

ज्यादा यूज से होंगी ये परेशानियां

सुनने की क्षमता पर असर: हेडफोन या ईयरफोन का तेज आवाज में लंबे समय तक इस्तेमाल सुनने की क्षमता को कमजोर कर सकता है। इससे बहरापन भी हो सकता है।

कान में दर्द: ज्यादा देर तक ईयरफोन लगाने से कान में दर्द और जलन हो सकती है। इससे कान में संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

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