अमेरिका में‌ जुलाई में बढ़ीं सिर्फ 73 हजार नौकरियां: USA में‌ बढ़ती मंदी से चिढ़े‌ ट्रंप ने श्रम ब्यूरो की मुखिया को हटा

US Jobs Crisis July Jobs Report Economic Recession Crisis 2025; विदेश में नौकरी की उम्मीद लगाए भारतीयों के लिए एक चिंता वाली खबर है। दरअसल अमेरिका में रोजगार के ताजा आंकड़े सामने आए हैं us-jobs-crisis-economic-recession-donald-trump-labor-bureau-hindi-news-pds

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US Jobs Crisis Employment Statistics Donalt Trump USA Recession: विदेश में नौकरी की उम्मीद लगाए भारतीयों के लिए एक चिंता वाली खबर है।

दरअसल अमेरिका में रोजगार के ताजा आंकड़े सामने आए हैं जिसके अनुसार वहां जुलाई के महीने में सिर्फ 73 हजार नई नौकरियां मिली हैं। यूएसए में बढ़ती इस मंदी के बीच चिढ़े अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप ने श्रम सांख्यिकी ब्यूरो की प्रमुख एरिका मैकण्टारफर को हटा दिया है।

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी ने जारी किए आंकड़े

आपको बता दें हाल ही में नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी की रिपोर्ट सामने आई है। जिसके अनुसार जनवरी से अब तक 17 लाख प्रवासी कामगार पेरोल से बाहर हो गए। इसका मतलब ये हैं कि ये सभी बेरोजगार हो गए हैं। ये या तो अमेरिका छोड़ गए या इनका वीसा खत्म हो गया।

जुलाई में सिर्फ 73 हजार नई जॉब

आंकड़ों के अनुसार अर्थव्यवस्था में विदेशी मूल के श्रमिकों की संख्या 7.35 लाख घटी है। जिसमें बीते माह यानी जुलाई में मात्र 73 हजार नई जॉब निकली हैं। जबकि इसके पहले के महीनों में यानी मई-जून के संशोधित आंकड़ों में 2.58 लाख जॉब घटीं थीं।

अमेरिका में धीमी अर्थव्यवस्था का संकेत

बीते तीन महीनों के जॉब के जो आंकड़े सामने आए हैं उनके अनुसार बेरोजगारी दर 4.2% हो गई है। ये धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है। आपको बता दें ट्रम्प के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद जो कठोर प्रवासी नीति, वीसा प्रतिबंध लगाए गए हैं। उमें इमिग्रेशन छापों से 12 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ है।

एच-1बी वीसा में देरी से भारतीय संकट में

आपको बता दें एच-1बी वीसा के सामान्य एक्सटेंशन मुश्किल हो गए। ईबी-2 और ईबी-3 ग्रीन कार्ड प्रोसेसिंग में देरी से अमेरिकी नागरिकता की राह लंबी हुई है। इससे सबसे ज्यादा भारतीय आईटी प्रोफेशनल, इंजीनियर व डॉक्टर प्रभावित होंगे।

12 लाख नौकरियों को नुकसान

आपको बता दें ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद 12 लाख नौकरियों का नुकसान हुआ। इस स्थिति से प्रवासियों पर निर्भर कृषि, निर्माण जैसे सेक्टर्स में कर्मचारी संकट है। आपको बता दें कैलिफोर्निया की सेंट्रल वैली में 70% कामगार नहीं लौटे हैं।

क्या कहना है अर्थशास्त्रियों का

अर्थशास्त्री मार्क रेगेट्स के अनुसार अगर इसी प्रवासी श्रमिक घटते रहे, तो अमेरिका में रोजगार वृद्धि रुक जाएगी। इससे सोशल सिक्योरिटी, पेंशन जैसी सरकार की वित्तीय योजनाओं को चलाना मुश्किल हो जाएगा।

श्रम ब्यूरो को ही हटा दिया

जानकारी के अनुसार बीते महीने जुलाई की कमजोर जॉब रिपोर्ट को देखकर ट्रम्प ने अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो की प्रमुख एरिका मैकण्टारफर को हटा दिया है।

आपको बता दें जुलाई में मात्र 73,000 नौकरियों बढ़ी दिखाई गई थीं, जो उनकी अपेक्षा से काफी कम थीं। इतना ही नहीं ट्रम्प ने आरोप लगाया है कि जॉब रिपोर्ट के ये आंकड़े जानबूझकर मुझे बदनाम करने के लिए गढ़े गए हैं। अब ऐसे लोग चाहिए, जिन पर भरोसा कर सकें।

एच-1बी वीजा क्या होता है

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एच-1बी वीजा एक गैर-अप्रवासी वीजा होता है जो अमेरिकी नियोक्ताओं को विशिष्ट व्यवसायों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। ये वीजा उन व्यक्तियों के लिए है जिनके पास विशेष ज्ञान और कौशल हैं और आमतौर पर एक विशिष्ट क्षेत्र में कम से कम स्नातक की डिग्री की आवश्यकता होती है।

एच-1बी वीजा की मुख्य बातें

नियोक्ता प्रायोजित:

एच-1बी वीजा प्राप्त करने के लिए, एक अमेरिकी नियोक्ता को कर्मचारी की ओर से संयुक्त राज्य अमेरिका नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) के माध्यम से याचिका दायर करनी होती है।

विशेष व्यवसाय

इसमें "विशेष व्यवसाय" का अर्थ एक ऐसे पद के लिए विशिष्ट ज्ञान और कौशल और उस विशेषज्ञता में कम से कम स्नातक की डिग्री की आवश्यकता से होता है।

अस्थायी

एच-1बी वीजा एक अस्थायी वीजा है और आमतौर पर 6 साल तक की अवधि के लिए जारी किया जाता है।

नौकरी और स्थान विशिष्ट

एच-1बी वीजा नौकरी और स्थान विशिष्ट होता है। जिसका अर्थ है कि कर्मचारी केवल उस नियोक्ता और स्थान पर काम कर सकता है जिसके लिए वीजा जारी किया गया है।

आश्रित वीजा

एच-1बी वीजा धारक के पति/पत्नी और 21 वर्ष से कम उम्र के बच्चे एच-4 आश्रित वीजा के लिए पात्र हो सकते हैं।

एच-1बी वीजा एक जटिल प्रक्रिया है, और इसके लिए एक अनुभवी आप्रवासन वकील या सलाहकार की मदद लेने की सलाह दी जाती है।

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