UPSC CSE Result 2022: यूपीएससी के सूरज ने किया नया उदय, ट्रेन दुर्घटना से मिली दिव्यांगता को दी मात

ऐसा ही एक नाम है सूरज तिवारी का। एक ट्रेन दुर्घटना में अपने दोनों पैरों के साथ-साथ अपने दाहिने हाथ और बाएं हाथ की दो अंगुलियों को खोने के बाद भी जज्बे से यूपीएससी में अच्छी रैंक पाई है।

UPSC CSE Result 2022: यूपीएससी के सूरज ने किया नया उदय, ट्रेन दुर्घटना से मिली दिव्यांगता को दी मात

UPSC Civil Services Result 2022: यूपीएससी के परिणामों ने जहां पर कई छात्रों के सपनों को नई उड़ान दी है वहीं कई ऐसे भी छात्र इस परीक्षा में जीते है जिनके लिए मुश्किलों परिस्थितिओं में यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। ऐसा ही एक नाम है सूरज तिवारी का। एक ट्रेन दुर्घटना में अपने दोनों पैरों के साथ-साथ अपने दाहिने हाथ और बाएं हाथ की दो अंगुलियों को खोने के बाद भी जज्बे से यूपीएससी में अच्छी रैंक पाई है।

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मैनपुरी का सूरज बना यूपीएससी का सरताज

आपको बताते चले कि, संघर्षों के बादल को छांटकर मैनपुरी के सूरज तिवारी मिसाल बने है जहां पर उन्होनें . UPSC 2022 की परीक्षा में 917 की रैंक पाई है। वहीं पर दिव्यांग सूरज तिवारी का यह सफर इतना आसान नहीं रहा। यहां पर सूरज के जरूरी अंग नहीं होने के बाद भी कमाल रच दिया है।

बताते चले कि, सूरज का हौंसला बचपन से ही अव्वल रहा है लेकिन कहते है ना कि, हर मुकाम पर पहुंचने का रास्ता इतना आसान नहीं होता है। ऐसा ही हुआ 2017 में जब सूरज ट्रेन हादसे का शिकार हो गए इस दौरान इतनी चोटें आई कि, इसमें अपने दोनों पैर, एक हाथ गंवाना पड़ा. जो दूसरा हाथ बचा, उसकी भी दो उंगलियां कट गईं।

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सूरज ने नहीं खोया कभी हौंसला

आपको  बताते चले कि, इस तकलीफ ने जहां पर सूरज और परिवार को तोड़ कर रख दिया था वहीं पर एक पहाड़ टूटा। जहां कुछ ही समय बाद सूरज के एक भाई की मौत हो गई. इससे घर की माली हालत और खराब हो गई। पिता राजेश तिवारी मामूली से टेलर मास्टर थे तो वहीं पर इस दुख ने उनकी मानसिक स्थिति पर असर डाला था। लेकिन सूरज ने हिम्मत नहीं हारी उन्होंने UPSC की परीक्षा देने का इरादा किया,इसके लिए पूरी शिद्दत से तैयारी की।

इसके लिए वे हर दिन 18 से 20 घंटे पढ़ाई करते थे। परीक्षा के लिए कोचिंग की फीस देना उनके लिए संभव नहीं था. यानी उन्होंने बिना किसी कोचिंग या एक्सट्रा क्लास के ये कारनामा कर दिखाया है, जिससे सरकार की मदद मिली। बता दें कि, 2021 में उन्होंने दिल्ली के जेएनयू से बीए किया. फिर बाद में एमए की भी डिग्री ली. इसी दौरान उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी भी की थी।

जानिए माता-पिता का बयान

सूरज के पिता ने बताया, "घटना के बाद भी उसका मन कभी छोटा नहीं हुआ..वह हमेशा कहता था कि आप लोग घबराए मत। सूरज जैसा बेटा हर घर में पैदा हो।" सूरज की मां ने बताया कि,  "उसके हौसले बुलंद थे, घटना के बाद भी उसने कभी हिम्मत नहीं हारी बल्कि उसने हमें ही हौसला दिलाया कि आप चिंता मत करिए मैं बहुत पैसा कमाऊंगा।"

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