जियोलॉजिस्‍ट बनी प्‍यून की बेटी: बस्‍तर की प्रियंका का UPSC में 40वां स्‍थान, माली हालत में घर पर ही की 18 घंटे पढ़ाई

UPSC Result 2024; Chhattisgarh Bastar Adivasi Priyanka Kashyap Struggle Story. जगदलपुर के पंडरीपानी गांव की प्रियंका युवाओं के लिए मिसाल बन गई है.. बगैर कोई महंगी कोचिंग जॉइन किए प्रियंका ने घर पर ही रोज़ाना 18 घंटे की कड़ी मेहनत

UPSC Result 2024

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रिपोर्ट: रजत वाजपेयी, जगदलपुर

UPSC Result 2024: छत्‍तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित संभाग बस्‍तर में अब शिक्षा की अलख का असर दिखने लगा है। जगदलपुर के पंडरीपानी गांव की बेटी ने इसको सार्थक कर दिखाया है। इतना ही नहीं अब प्रियंका युवाओं के लिए मिसाल बन गई है। बगैर कोई महंगी कोचिंग जॉइन किए प्रियंका ने घर पर ही रोज़ाना लगभग 18 घंटे कड़ी मेहनत की और UPSC में 40वीं रैंक हासिल की है।

सबसे बड़ी बात यह है कि पिता घासीराम कलेक्‍टोरेट में प्‍यून हैं। मां लक्ष्‍मी हाउस वाइफ है। घर की माली हालत ठीक नहीं होने से प्रियंका (UPSC Result 2024) ने घर पर ही पढ़ने का निर्णय लिया। और वह यूपीएससी के द्वारा आयोजित परीक्षा में जियोलॉजिस्‍ट बनी। प्रियंका ने ये उपलब्धि हासिल कर बस्‍तर का गौरव बढ़ाया है और युवाओं को प्रेरणा दी है।

युवाओं के लिए मिसाल बनी प्रियंका

प्रियंका ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा (UPSC Result 2024) पास की का जियोलॉजिस्ट का पद हासिल किया है। उन्‍होंने यह उपलब्धि बगैर महंगी कोचिंग ज्वाइन किए घर पर ही 18 घंटे की कड़ी मेहनत कर हासिल की है। इतना ही नहीं यूपीएससी में 40वां रैंक हासिल करने वाली पंडरीपानी गांव की प्रियंका अब युवाओं के लिए मिसाल बन गई है।

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हाल ही में आया यूपीएससी रिजल्‍ट

Geologist Officer Priyanka

जगदलपुर कलेक्टोरेट में प्यून के पद पर तैनात पिता घासीराम और गृहिणी लक्ष्मी की आर्थिक स्थिति को समझकर प्रियंका ने घर पर ही पढ़ाई करने की ठानी और सफलता हासिल की। 2 दिन पहले 23 दिसंबर को आए यूपीएससी (UPSC Result 2024) के परिणाम के बाद प्रियंका को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। घर पर पहुंच रहे लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। जीएसआई के पद पर चयनित प्रियंका अब जियोलॉजिस्ट हैं।

बस्‍तर की पहली बेटी है प्रियंका

बता दें कि प्रियंका माड़िया जनजाति से आती हैं, वह इस ओहदे तक पहुंचने वाली बस्तर की इकलौती सफल छात्रा हैं। उन्‍होंने इस परीक्षा को पास करके नया इतिहास रच दिया है। और बस्‍तर की बेटियों के लिए एक प्रेरणा बन गई है। इस उपलब्धि पर उनके रिश्‍तेदारों में भी उत्‍साह है। पिता के कार्यालय में भी स्‍टाफ ने बेटी को बधाई दी है।

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