UP Teacher Transfer Cancelled: UP में शिक्षकों के ट्रांसफर से पीछे हटी योगी सरकार, फिर से पुरानी तैनाती पर लौटने का आदेश

UP Teacher Transfer Cancelled:  उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन को लेकर जारी आदेशों में विरोधाभास सामने आया है।

UP Teacher Transfer Cancelled: UP में शिक्षकों के ट्रांसफर से पीछे हटी योगी सरकार, फिर से पुरानी तैनाती पर लौटने का आदेश

हाइलाइट्स

  • शिक्षकों के ट्रांसफर निरस्त
  • शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के मानकों के खिलाफ
  • स्थानांतरणों के चलते कुछ विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित

UP Teacher Transfer Cancelled:  उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन को लेकर जारी आदेशों में विरोधाभास सामने आया है। पहले शिक्षकों को स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए, लेकिन अब इन्हीं आदेशों को निरस्त कर उन्हें फिर से अपने मूल विद्यालय में लौटने को कहा गया है।

बेसिक शिक्षा परिषद ने कुछ जिलों में शिक्षकों के स्थानांतरण के आदेश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत शिक्षकों को नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया था। लेकिन अब विभागीय अधिकारियों ने पत्र जारी करके कहा है कि स्वेच्छा से किए गए स्थानांतरणों के चलते कुछ विद्यालयों में छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित हुआ है। यह निश्शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के मानकों के खिलाफ है।

शिक्षकों की परेशानी

शिक्षकों का कहना है कि पहले उन्हें एकल विद्यालयों से सरप्लस घोषित किया गया, फिर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अन्य पदों पर आवेदन करने का विकल्प दिया गया। स्थानांतरण आदेश भी जारी हुए, लेकिन बाद में यह कहकर कार्यमुक्त नहीं किया गया कि विद्यालय बंद हो जाएगा। शिक्षकों ने सवाल उठाया है कि यदि विद्यालय उनके जाने से बंद हो सकता था तो उन्हें सरप्लस क्यों घोषित किया गया? और यदि सरप्लस घोषित किया गया, तो कार्यमुक्त कर नई जगह भेजने से रोका क्यों गया?

विभाग की दलील

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि छात्र-शिक्षक अनुपात प्रभावित होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि आरटीई अधिनियम के मानकों के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय में छात्र-शिक्षक अनुपात बनाए रखना आवश्यक है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी का कहना है कि इस मामले की जांच कराएंगे।

इसके बाद स्थिति का पता चलेगा। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिक्षकों के स्थानांतरण पर यूपी सरकार का यू-टर्न शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अब देखना यह है कि विभाग की जांच में क्या निकलकर आता है और आगे की कार्रवाई क्या होगी। शिक्षकों को उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान होगा और उन्हें न्याय मिलेगा।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article