Sonbhadra Mine Collapse: सोनभद्र में ड्रिलिंग के दौरान धंसी खदान, एक मजदूर की मौत, 15 के दबे होने की आशंका

Sonbhadra Mine Collapse: यूपी के सोनभद्र में ड्रिलिंग को दौरान खदान धंस गई। इस हादसे में 1 मदजूर की मौत हो गई, अभी भी 15 मजदूरों के दबे होने की आशंका है।

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हाइलाइट्स

  • सोनभद्र खदान धंसने से एक मजदूर की मौत
  • करीब 15 मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका
  • NDRF–SDRF टीमें रेस्क्यू में जुटीं, जांच के आदेश

Sonbhadra Mine Collapse:  उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में खदान में ड्रिलिंग के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ये हादसा बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान हुआ जब अचानक मलबा धंसने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि लगभग 15 मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कुछ ही देर पहले अपने कार्यक्रम से यहां से निकले थे।

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ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग का काम

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि खदान में नौ कंप्रेशर मशीनों से ब्लास्टिंग के लिए ड्रिलिंग की जा रही थी। हादसे वाली जगह पर उस समय 18 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक खदान की एक बड़ी दीवार धंस गई और भारी मात्रा में मलबा करीब 150 फीट नीचे गिरा, जिसमें कई मजदूर फंस गए।

मलबे में दबे मजदूरों को निकालने में मुश्किलें

हादसे के तुरंत बाद ही ग्रामीणों ने और खदान में काम करने वालों कर्मियों राहत कार्य में जुट गए। साथ ही मौके पर अल्ट्राटेक, ओबरा और आसपास की परियोजनाओं की राहत टीमें भी पहुंचीं। सोनभद्र डीएम बद्रीनाथ सिंह और SP अभिषेक वर्मा ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का जायजा लिया। SDRF और NDRF टीमों को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया है। खदान की गहराई अधिक होने के कारण मलबा हटाने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।

1 की मौत कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

गांव पनारी गांव के प्रधान पति लक्ष्मण यादव ने 2 मजदूरों की मौत का दावा किया है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी रोष और चिंता देखी जा रही है

सीएम के कार्यक्रम के बाद हुआ हादसा

हादसा उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम स्थल करीब ही था और वह थोड़ी देर पहले वहां से निकले थे। इससे सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। ब्लास्टिंग का काम शनिवार 15 नवंबर को CM के कार्.क्रम के चलते बंद था। हालांकि ड्रिलिंग का काम जारी था, जिसे लेकर जांच की मांग उठ रही है।

अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए

डीएम बद्रीनाथ सिंह ने कहा: “मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। वाराणसी से NDRF और मिर्जापुर से SDRF टीम बुलाई गई है। मलबा हटने के बाद सही स्थिति स्पष्ट होगी। पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।”

राज्य मंत्री संजीव सिंह गोंड ने कहा कि कार्य बंद होने की सूचना के बावजूद काम कैसे कराया जा रहा था, इसकी जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। उन्होंने इस घटना को "बिरसा मुंडा जयंती पर बेहद दुखद" बताया।

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