Nishad Party Leader Suicide: निषाद पार्टी के युवा पदाधिकारी ने की आत्महत्या, इस मंत्री को ठहराया जिम्मेदार

Uttar Pradesh Sanjay Nishad Party Leader Dharmatma Nishad Suicide Case Update; निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव ने आज आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

Nishad Party Leader Suicide: निषाद पार्टी के युवा पदाधिकारी ने की आत्महत्या, इस मंत्री को ठहराया जिम्मेदार

(रिपोर्ट-आलोक राय- लखनऊ)

UP News: निषाद पार्टी के पूर्व प्रदेश सचिव धर्मात्मा निषाद ने आज आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस के अनुसार, मृतक के परिवार ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से तनाव में थे और पार्टी के भीतर हो रहे आंतरिक मतभेदों से परेशान थे। सुसाइड नोट में उन्होंने संजय निषाद पर पार्टी में भेदभाव और अन्यायपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है।

इस घटना ने पार्टी के भीतर हलचल पैदा कर दी है। कई नेता और कार्यकर्ता इस मामले में संजय निषाद से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। वहीं, संजय निषाद ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसकी जांच कराई जाएगी।

publive-image

यह भी पढ़ें: UP Development News: लखनऊ कानपुर-झांसी सहित 13 प्रमुख शहरों में चौतरफा विकास का खाका तैयार, मिलेगा नया रूप

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतक के परिवार से बातचीत की जा रही है। आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है। यह घटना निषाद पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्ष को उजागर करती है और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।

संजय निषाद की प्रतिक्रिया:

संजय निषाद ने कहा, "यह एक दुखद घटना है। हम परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। इस मामले की पूरी जांच होगी और सच्चाई सामने आएगी।

publive-image

यह भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir Donetion Record: राम मंदिर में 700 करोड़ से ज्यादा का चढ़ावा, सबसे ज्यादा चढ़ावे में पाया तीसरा स्थान

पुलिस ने कहा एक सुसाइड नोट मिला है

लखनऊ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सुसाइड नोट मिला है और उसके आधार पर जांच की जा रही है। अभी तक कोई आरोप तय नहीं हुआ है।" यह मामला राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर गहन बहस का विषय बन गया है।

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article