UP Politics: अब्बास के बाद कौन?, अंसारी परिवार की सियासी विरासत पर मंडराया खतरा, अब उपचुनाव में होगी अग्निपरीक्षा

UP Abbas Ansari Disqualified: उत्तर प्रदेश के मऊ से विधायक रहे अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद समाप्त कर दी गई है। अब मऊ सीट पर उपचुनाव होगा, जिससे अंसारी परिवार के 29 साल पुराने दबदबे की अग्निपरीक्षा होगी।

UP Politics: अब्बास के बाद कौन?, अंसारी परिवार की सियासी विरासत पर मंडराया खतरा, अब उपचुनाव में होगी अग्निपरीक्षा

हाइलाइट्स

  • मऊ से MLA अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता रद्द
  • एमपी-एमएलए कोर्ट ने अब्बास को सुनाई दो साल की सजा
  • अब मऊ में उपचुनाव तय, संकट में अंसारी परिवार का दबदबा

UP Abbas Ansari Disqualified: उत्तर प्रदेश की मऊ सदर विधानसभा सीट पर 29 वर्षों से चला आ रहा अंसारी परिवार का राजनीतिक वर्चस्व अब खतरे में नजर आ रहा है। पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म होने के बाद मऊ की सियासत में बड़ा बदलाव संभव है। कोर्ट के फैसले के बाद अब इस सीट पर उपचुनाव तय है। अब मऊ सीट पर उपचुनाव होगा और अंसारी परिवार की सियासी साख की अग्निपरीक्षा होगी।

अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म

उत्तर प्रदेश के मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने चुनाव के दौरान अधिकारियों को धमकाने के एक मामले में उन्हें दो साल की सजा सुनाई। अब्बास अंसारी पर चुनाव के दौरान अधिकारियों को धमकी देने का आरोप साबित हुआ है। सजा मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट रिक्त घोषित कर दी।

मुख्तार अंसारी से अब्बास तक का सफर

अब्बास अंसारी माफिया से नेता बने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे हैं। मुख्तार ने 1996 में मऊ से पहली बार जीत हासिल की थी। इसके बाद कई बार पार्टी बदलने के बावजूद उन्होंने सीट पर कब्जा बनाए रखा। 2022 में उन्होंने बेटे अब्बास को चुनाव मैदान में उतारा, जिन्होंने सुभासपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। अब अब्बास अंसारी की विधायकी खत्म हो जाने के बाद मऊ सीट पर अंसारी परिवार की सियासत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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मऊ सीट पर अंसारी परिवार का दबदबा

मुख्तार अंसारी ने इस सीट पर निर्दलीय चुनाव जीतकर भी अपनी ताकत दिखाई, मुख्तार अंसारी ने 2017 के यूपी चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर आखिरी बार मऊ सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी, साल 2022 में एक मामले में अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद मुख्तार अंसारी ने बेटे अब्बास अंसारी को इस सीट से मौका दिया था।

साल 2022 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन किया था। सपा-सुभासपा गठबंधन में मऊ सीट सुभासपा के खाते में गई। इस सीट से राजभर की पार्टी ने अब्बास अंसारी को टिकट दिया। अब्बास ने परिवार की सीट पर कब्जा बरकरार रखा

अब उपचुनाव की बारी

अब्बास की विधायकी जाने के बाद मऊ सीट पर उपचुनाव तय हो गया है। ओमप्रकाश राजभर की सुभासपा इस सीट पर फिर से उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है, जबकि बीजेपी भी इस सीट पर अपना दावा ठोक रही है। सत्ताधारी गठबंधन के भीतर खींचतान तेज हो गई है।

क्या खत्म होगा अंसारी परिवार का दबदबा?

अब यह चर्चा जोरों पर है कि क्या मऊ में अंसारी परिवार की राजनीतिक विरासत का अंत हो जाएगा। मुख्तार की पत्नी अफ्शां अंसारी और बहु निकहत (अब्बास अंसारी की पत्नी) कानूनी मामलों में उलझी हैं, इसलिए चुनावी दौड़ से बाहर नजर आती हैं। अफ्शां पुलिस के साथ ही ईडी की भी वांटेड लिस्ट में हैं, निकहत के खिलाफ भी जेल में पति से गैरकानूनी मुलाकात करने को लेकर केस दर्ज है। हां, अब्बास के छोटे भाई उमर अंसारी का नाम जरूर चर्चा में है।

अब्बास के बाद अगला चेहरा कौन?

परिवार में अब उमर अंसारी और गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत अंसारी के नाम चर्चा में हैं। उमर ने हाल के समय में जनता के बीच सक्रियता दिखाई है, वहीं अफजाल अंसारी की बेटी नुसरत ने भी लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार में भाग लिया था। नुसरत ने महिलाओं की टोली लेकर घर-घर जनसंपर्क किया था साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर चुनावी रणनीति भी बनाई थी।

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