UP Police Constable Exam 2024: देश का सबसे बड़ा एग्जाम संपन्न, दो पुलिसकर्मी समेत 244 सॉल्वर गिरफ्तार

UP Police Constable Exam 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के 60244 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के बड़े पैमाने पर धरपकड़ जारी रही।

UP Police Constable Exam 2024: देश का सबसे बड़ा एग्जाम संपन्न, दो पुलिसकर्मी समेत 244 सॉल्वर गिरफ्तार

   हाइलाइट्स

  • पेपर लीक कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश
  • परीक्षा में गड़बड़ियों पर 244 गिरफ्तार 
  • अंतिम दिन पूर्वांचल से धरे गए 50 मुन्ना भाई

UP Police Constable Exam 2024: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से सिपाही के 60244 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के दूसरे और अंतिम दिन रविवार को भी बड़े पैमाने पर धरपकड़ जारी रही।

रविवार को परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश में 50 लोग गिरफ्तार किए गए। नकल विहीन परीक्षा कराने के उद्देश्य से जिलों की पुलिस व एसटीएफ द्वारा 15 फरवरी से चलाए गए अभियान में अब तक कुल 244 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

इनमें परीक्षार्थी व सॉल्वर से लेकर सॉल्वर गैंग के सदस्य तथा पेपर लीक कराने वाले गैंग के सदस्य भी शामिल हैं। डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा है कि प्रदेश के सभी 2385 केंद्रों पर दोनों दिन और चारों पालियों में शांति और शुचितापूर्ण महौल में परीक्षा हुई।

सभी जिलों में पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार भ्रमणशील रहे। दोनों दिन की परीक्षा में लगभग 48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। रविवार को सबसे ज्यादा फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र से नौ लोग गिरफ्तार किए गए। एसटीएफ ने प्रयागराज से तीन और बलिया से तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

   फिंगर प्रिंट की जांच के समय सॉल्वर गिरफ्तार

बिजनौर शहर के रूट्स इंटरनैशनल स्कूल के एग्जाम सेंटर पर पुलिस ने फिंगरप्रिंट की जांच करते समय एक सॉल्वर पकड़ लिया। आरोपी बिहार का रहने वाला है। बिजनौर के परीक्षार्थी की जगह वह परीक्षा देने आया था।

पुलिस के मुताबिक आरोपी अभिनव से पूछताछ की जा रही है। बिजनौर के आशीष की जगह परीक्षा देने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया। बिजनौर में 32 केंद्रों पर 16248 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे। जिले को चार जोन और 11 सेक्टर में बांटा गया था।

   फिरोजाबाद में पांच लाख रुपये में हुई थी डील

फिरोजाबाद जिला पुलिस, एसओजी‌ और सर्विलांस टीम ने पुलिस भर्ती परीक्षा में फर्जी लोगों को परीक्षा दिलाने वाले सॉल्वर गिरोह के चार गुर्गों को कोड वर्ड में लिखे दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया है।

ये पांच लाख रुपये लेकर उम्मीदवार की जगह फर्जी परीक्षार्थी से परीक्षा दिलाते थे। एसपी सिटी सर्वेश कुमार मिश्रा के मुताबिक गिरफ्तार सॉल्वर गिरोह का सरगना‌ हरिशंकर कंप्यूटर सेंटर संचालक है।

उसके साथ रामनेश, अभिषेक यादव और नितिन यादव‌ भी थे। हरिशंकर ने अभिषेक और नितिन की जगह दूसरे परीक्षार्थी बैठने के लिए 5 -5 लाख में बात की थी। कुछ रुपये एडवांस भी दे दिए थे।

   UPPPRB ने किया खंडन

इन दावों के बीच यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड (UPPPRB) ने ट्वीट कर जरूरी जानकारी दी है।  UPPPRB ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर ट्वीट कर पेपर लीक के दावों को गलत बताया है।

बोर्ड का कहना है कि सोशल मीडिया पर पेपर लीक को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। UPPPRB ने अपने ट्वीट में लिखा, 'प्रारंभिक जांच में पाया गया कि अराजक तत्वों द्वारा ठगी के लिए Telegram की Edit सुविधा का प्रयोग कर सोशल मीडिया पर पेपर लीक संबंधी भ्रम फैलाया जा रहा है।  बोर्ड एवं @Uppolice इन प्रकरणों की निगरानी के साथ इनके सोर्स की गहन जांच कर रहा है। '

   244 लोगों पर कसा शिकंजा 

पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधन अपनाने या अपनाने की योजना बनाने के आरोप में पिछले तीन दिनों में पूरे उत्तर प्रदेश में पुलिस ने 244 लोगों को या तो गिरफ्तार किया है या हिरासत में लिया है। राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ये गिरफ्तारियां या हिरासत 15 फरवरी से 18 फरवरी शाम 6 बजे तक की गईं।

ये गिरफ्तारियां और हिरासतें स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से जिला पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की इकाइयों द्वारा की गईं। रविवार को डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, "गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है।

परीक्षा में अनुचित साधन अपनाने में शामिल लोगों और गिरोहों को पकड़ा जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। "

उन्होंने कहा, "अधिकांश गिरफ्तारियां इससे पहले की गईं, जब आरोपी अनुचित तरीके अपनाकर परीक्षा को भंग करने की अपनी नापाक योजनाओं को अंजाम दे पाते। "

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