UP Panchayat Chunav: कभी चंबल के बीहड़ में जिस दस्यु सुंदरी की तूती बोलती थी, आज वो प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहती है

UP Panchayat Chunav

नई दिल्ली। कभी चंबल के बिहड़ में जिसकी तूती बोलती थी और जिसके डर से कभी अच्छे-अच्छो के हलक से पानी सुख जाया करता था। आज वो दस्यु सुंदरी गांव में रहना चाहती है और प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहती है। इस दस्यु सुंदरी का नाम है सुरेखा। सुरेखा को कभी चंबल क्षेत्र में आतंक मचाने वाला खूंखार डकैत सलीम गुर्जर कभी उठा ले गया था और शादी कर ली थी।

सुरेखा ने गिरफ्तारी को लेकर क्या कहा

उस समय सुरेखा महज 13 साल की थी। सुरेखा और सलीम का एक बच्चा भी है। वो अपने बागी जीवन के बारे में बताती है उसने कभी किसी निर्दोष पर अत्याचार नहीं किया। लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि फिर आप जेल क्यों गई, तो उन्होंने कहा कि मैं साल 2004 में प्रेग्नेंट थी। उसी दौरान पुलिस से मुठभेड़ हो गई और मैं जंगल से भाग नहीं पाई। पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। बता दें कि पुलिस कस्टडी में ही सुरेखा ने अपने बेटे को जन्म दिया था। उस दौरान सुरेखा मध्य प्रदेश के भिंड जेल में बंद थी।

5 साल का था बागी जीवन

हालांकि सुरेखा जेल जाने को लेकर कुछ भी दलील दें। लेकिन 5 साल के बागी जीवन में उसके उपर जालौन के उरई में 11 मुकदमे दर्ज थे, मप्र के भिंड में भी 3 मुकदमे दर्ज थे जबकि इटावा जनपद में आधा दर्जन मुकदमें दर्ज थे। यही कारण है कि उसे 14 साल जेल में बिताने पड़े। हालांकि अब आदालत ने उसे सभी मुकदमों से बरी कर दिया है।

20 साल बाद वापस अपने घर पहुंची

बरी होने के बाद सुरेखा लगभग 20 साल बाद वापस अपने घर पहुंची हैं। जहां वो अपने भैया-भाभी के साथ रह रही हैं। गांव वाले सुरेखा को बडा सम्मान देते हैं। क्योंकि वो पूरा गांव गुर्जर समुदाय का है और वहां सुरेखा का परिवार अकेले धोबी जाती से आती है। ऐसे में वो चाहती है कि जिस गांव में उसे इतना मान सम्मान दिया जाता है, इसके बदले में वो भी गांव वालों को कुछ दें। यही कारण है कि वो प्रधान पद से चुनाव लड़ना चाहती है।

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