Up Project Safe Ride: लखनऊ पुलिस का 'प्रोजेक्ट सेफ राइड शुरू होगा, ई रिक्शा चालकों को दिखाना पड़ेगा चरित्र प्रमाण पत्र

Up Project Safe Ride: 'प्रोजेक्ट सेफ राइड' नामक इस अभियान के तहत अब लखनऊ में चलने वाले सभी ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम शहर में अपराधों पर अंकुश लगाने और यात्रियों को भयमुक्त यात्रा का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

Up Project Safe Ride: लखनऊ पुलिस का 'प्रोजेक्ट सेफ राइड शुरू होगा, ई रिक्शा चालकों को दिखाना पड़ेगा चरित्र प्रमाण पत्र

रिपोर्ट- आलोक राय, लखनऊ

हाइलाइट्स 

  • लखनऊ पुलिस का 'प्रोजेक्ट सेफ राइड शुरू होगा
  • ई रिक्शा चालकों को दिखाना पड़ेगा चरित्र प्रमाण पत्र
  • क्यूआर कोड को वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाना होगा

Up Project Safe Ride: राजधानी लखनऊ में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन को और अधिक विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। 'प्रोजेक्ट सेफ राइड' नामक इस अभियान के तहत अब लखनऊ में चलने वाले सभी ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए पुलिस सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। यह कदम शहर में अपराधों पर अंकुश लगाने और यात्रियों को भयमुक्त यात्रा का अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

क्या है 'प्रोजेक्ट सेफ राइड'?

इस प्रोजेक्ट के तहत, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक व्यापक प्रक्रिया तैयार की है जिसके माध्यम से ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के संचालन को विनियमित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी वाहन और उनके चालक पूरी तरह से सत्यापित हों।

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कौन- कौन करा सकता है सत्यापन

  1. पुलिस सत्यापन: अब सभी ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराना होगा। यह सत्यापन उनकी पृष्ठभूमि और किसी भी आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के लिए आवश्यक है।
  2. चरित्र प्रमाण पत्र: वाहन मालिक और ड्राइवर दोनों का चरित्र प्रमाण पत्र भी लखनऊ पुलिस की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। यह पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।
  3. वाहन संबंधी जानकारी: वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर, इंश्योरेंस विवरण और फिटनेस प्रमाण पत्र की जानकारी भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी वाहन कानूनी मानकों का पालन कर रहे हैं।

क्यों क्यूआर कोड और स्टीकर लगाना है जरूरी 

उपरोक्त सभी विवरण लखनऊ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सफलतापूर्वक अपलोड करने के बाद, वाहन मालिक को एक विशिष्ट क्यूआर कोड स्टीकर डाउनलोड करने का विकल्प मिलेगा। इस क्यूआर कोड को वाहन की विंडस्क्रीन पर चिपकाना होगा। यह क्यूआर कोड एक डिजिटल पहचान पत्र के रूप में कार्य करेगा, जिसे स्कैन करने पर वाहन और चालक से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।

कब तक होगी प्रक्रिया 

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 31 अगस्त की अंतिम तिथि निर्धारित की है। सभी ई-रिक्शा और ऑटो मालिकों को इस तिथि तक अपने वाहनों पर क्यूआर कोड स्टीकर चिपकाना अनिवार्य होगा। इसके बाद बिना क्यूआर कोड वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

इस प्रोजेक्ट से किसको होगा फायदा 

'प्रोजेक्ट सेफ राइड' न केवल यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि करेगा, बल्कि यह चालकों और वाहन मालिकों के लिए भी एक पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था स्थापित करेगा। यह पहल लखनऊ को एक सुरक्षित और सुगम शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां नागरिक बिना किसी चिंता के सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर सकें। पुलिस का मानना है कि इस कदम से आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा और शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति और मजबूत होगी। 

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