129 वर्ष की आयु में पद्मश्री बाबा शिवानंद का निधन: कभी नहीं चखा दूध-चीनी-तेल का स्वाद, CM ममता बनर्जी भी मुरीद

Baba Shivanand Death: 129 वर्ष की आयु में संत बाबा शिवानंद का निधन हो गया, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ब्रह्मचर्य और साधना के सिद्धांतों का पालन किया। उनका जीवन समर्पण और अनुशासन का प्रतीक था, जो आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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हाइलाइट्स

  • बाबा शिवानंद का 129 वर्ष की आयु में निधन, साधना और अनुशासन के प्रतीक।
  • 2020 में बाबा का मेडिकल परीक्षण, शरीर में कोई रोग नहीं पाया गया।
  • बाबा के अनुयायी, राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों ने उन्हें आदर्श माना।

Baba Shivanand Death: देशभर में संत बाबा शिवानंद के निधन से शोक की लहर दौड़ गई है। 129 वर्ष की आयु में उनका देहावसान हो गया। बाबा शिवानंद, जिन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था, अपनी साधना और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए बिताई और कभी भी किसी प्रकार के स्वादिष्ट या तैलीय खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं किया। उनका जीवन साधना और सेवा का प्रतीक था।

साधारण आहार और अनुशासित दिनचर्या 

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बाबा शिवानंद का आहार बेहद साधारण था। उबला हुआ भोजन और ताजी सब्जियां ही उनके आहार का मुख्य हिस्सा थीं। उन्हें कभी दूध, चीनी या तेल से बने किसी भी पदार्थ की आवश्यकता नहीं पड़ी। बाबा की दिनचर्या पूरी तरह से उनके शिष्यकाल के जैसा थी। हर दिन वह सुबह तीन बजे उठते थे और नित्यकर्म करने के बाद शिवमंत्र का जाप करते थे। इसके बाद योगासन और अन्य साधनाओं में दिन बिता देते थे।

2020 में बाबा का मेडिकल परीक्षण

2020 में, बाबा का मेडिकल परीक्षण अपोलो अस्पताल के कोलकाता और चेन्नई केंद्रों में किया गया था। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हैरानी जताई थी कि 129 साल की उम्र में भी बाबा के शरीर में किसी प्रकार का कोई रोग नहीं था। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी उनकी उम्र का परीक्षण किया गया और यह साबित हुआ कि वह शारीरिक रूप से एकदम स्वस्थ थे।

बाबा शिवानंद का जीवन मंत्र और शिक्षाएं 

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बाबा शिवानंद का जीवन किसी आदर्श से कम नहीं था। वह कहते थे, “अनासक्तिपूर्ण आनंद जीवन की प्रधान ऊर्जा है। अपनी जिह्वा पर नियंत्रण, गीता के उपदेश का आचरण, किसी पर भी अधिकार नहीं करना, किसी से अपेक्षा नहीं रखना, सुख-दुख, मान-अपमान हर अवस्था का समान रूप से सम्मान करना।” यही उनके जीवन का मंत्र था, जिसे उन्होंने जीवनभर अपने आचरण में उतारा।

बाबा शिवानंद के अनुयायी 

बाबा शिवानंद की साधना का प्रभाव न सिर्फ आम लोगों पर, बल्कि राजनीतिक और फिल्मी हस्तियों पर भी पड़ा। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, और फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी जैसे लोग बाबा के अनुयायी थे। शिल्पा शेट्टी ने 2020 में अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बाबा का वीडियो साझा करते हुए उन्हें आदर्श बताया और कहा कि बाबा उनकी बेहतर जिंदगी के लिए प्रेरणा थे।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1918876292017197245

साधारण जीवन का पालन 

बाबा शिवानंद का जीवन बिना किसी भव्यता के, साधारण और सादगी से भरा हुआ था। वह कहते थे कि हम बहुत सारी चीजें तभी सीखते हैं जब हमें उनकी आवश्यकता होती है। उनकी शिक्षा, उनकी साधना और उनके विचार आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। उनका योगदान हमेशा हमारे दिलों में रहेगा।

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