Varanasi Kanyadan Mahotsav: संघ प्रमुख की मौजूदगी में 125 जोड़े लेंगे सात फेरे, आतिशबाजी के साथ निकलेगी बरात

Uttar Pradesh Varanasi Kanyadan Mahotsav 2025 Update; वाराणसी में खोजवां के शंकुलधारा में बुधवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर वाराणसी के खोजवां स्थित शंकुलधारा में एक भव्य कन्यादान महोत्सव

Varanasi Kanyadan Mahotsav: संघ प्रमुख की मौजूदगी में 125 जोड़े लेंगे सात फेरे, आतिशबाजी के साथ निकलेगी बरात
रिपोर्ट, अभिषेक सिंह, वाराणसी 
हाइलाइट्स
  • वाराणसी में कन्यादान महोत्सव का आयोजन
  • एक साथ 125 जोड़े  लेंगे सात फेरे
  • सरसंघचालक मोहन भागवत विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे

Varanasi Kanyadan Mahotsav: वाराणसी में खोजवां के शंकुलधारा में बुधवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर वाराणसी के खोजवां स्थित शंकुलधारा में एक भव्य कन्यादान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 125 जोड़े सात फेरे लेंगे। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत विशेष तौर पर उपस्थित रहेंगे और एक बेटी का कन्यादान करेंगे।

भागवत का आगमन और कार्यक्रम की तैयारियां

मोहन भागवत आज दोपहर करीब 12 बजे वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सड़क मार्ग से शंकुलधारा पहुंचकर इस सामूहिक विवाह समारोह में शामिल होंगे। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं।

ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी के साथ निकलेगी बरात

शाम 4 बजे शंकुलधारा पोखरे से बरात निकलेगी, जो ढोल-नगाड़े, बैंडबाजा और आतिशबाजी के साथ द्वारकाधीश मंदिर पहुंचेगी। वहां विवाह की सभी रस्में पूरी की जाएंगी। इस दौरान समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मौजूद रहेंगे।

पहली बार सभी जातियों के दूल्हे एक साथ घोड़ी पर सवार

इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे खास बात यह है कि पहली बार अगड़े, पिछड़े और दलित समाज के दूल्हे एक साथ घोड़ी, बग्घी और रथ पर सवार होकर बरात में शामिल होंगे। इसके अलावा, अंतरजातीय विवाह भी संपन्न कराए जाएंगे, जिसमें ब्राह्मण समेत सभी वर्गों के पुजारी शामिल होंगे।

समरसता और सामाजिक एकता का संदेश

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देना है। RSS प्रमुख मोहन भागवत द्वारा एक बेटी का कन्यादान करना और सभी जातियों के लोगों का एक साथ आना, समानता और एकता का प्रतीक है। यह कार्यक्रम न केवल वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने वाले युगलों के लिए यादगार होगा, बल्कि समाज में सद्भाव और साझा संस्कृति को भी मजबूती देगा।

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