उप्र: उच्च न्यायालय ने यूपीएसआईडीसी के मुख्य अभियंता की जमानत अर्जी खारिज की

प्रयागराज, पांच जनवरी (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) के मुख्य अभियंता अरुण कुमार मिश्रा की जमानत अर्जी मंगलवार को खारिज कर दी। मिश्रा सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपी हैं।

मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने चार-पांच किलोमीटर की सड़क के निर्माण के संबंध में सरकारी खजाने से एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया, जबकि वास्तव में किसी सड़क का निर्माण ही नहीं किया गया था।

जमानत अर्जी खारिज करते हुए न्यायमूर्ति ओम प्रकाश ने कहा, “रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि याचिकाकर्ता द्वारा चार-पांच किलोमीडर की सड़क के निर्माण के संबंध में सरकारी खजाने से भुगतान किया गया, जबकि वास्तव में कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ।”

अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता के सरकारी सेवक होने के नाते कार्य के बदले भुगतान करने की उस पर जिम्मेदारी थी। यह नहीं कहा जा सकता कि आवेदक के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बनता, खासकर तब जब पीडब्ल्यूडी से अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल किए बगैर उसने कुल राशि का 95 प्रतिशत भुगतान कर दिया, जबकि वास्तव में कोई निर्माण कार्य नहीं किया गया।”

मिश्रा के वकील ने दलील दी थी कि याचिकाकर्ता ने ऐसा कोई अपराध नहीं किया और इस मामले में प्राथमिकी वर्ष 2012 में दर्ज की गई थी और उसमें याचिकाकर्ता को नामजद नहीं किया गया। करीब आठ साल के अंतराल के बाद उसे 26 अक्टूबर, 2020 को गिरफ्तार किया गया।

भाषा राजेंद्र

शफीक

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