यूपी के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: गंभीर बीमारी पर मिलेगी 5 लाख तक की आर्थिक सहायता, "जीवन दान योजना" की हुई शुरुआत

UP Government Teachers Financial Help: जिसके अंतर्गत गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

यूपी के शिक्षकों के लिए खुशखबरी: गंभीर बीमारी पर मिलेगी 5 लाख तक की आर्थिक सहायता,

हाइलाइट्स

  • अधिकतम सहायता राशि: ₹5 लाख (प्रारंभिक चरण में)

  • आवश्यक खर्च सीमा: सहायता तभी मिलेगी जब इलाज का खर्च ₹2 लाख से अधिक हो।

  • इलाज की अवधि: केवल अस्पताल में भर्ती अवधि का खर्च ही मान्य होगा।

UP Government Teachers Financial Help:  उत्तर प्रदेश के शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए एक बड़ी राहत और सहारा लेकर आई है "जीवन दान योजना"। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की संस्था टीचर्स सेल्फ केयर टीम (TSCT) ने यह योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षक को अधिकतम ₹5 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों को आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों में आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और एक-दूसरे की मदद के लिए सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।

कब शुरू हुई योजना और कैसे मिलेगा लाभ?

टीएससीटी के संस्थापक अध्यक्ष विवेकानंद आर्य ने बताया कि जीवन दान योजना की शुरुआत 5 अगस्त 2025 से की गई है, और इसमें पहले चरण में 10 अगस्त तक सहयोग राशि एकत्रित की जाएगी। सभी सदस्य ₹200 का योगदान देकर इस फंड में हिस्सा ले सकते हैं। इसके बाद 11 अगस्त को इस राशि से जरूरतमंद शिक्षकों को सहायता प्रदान की जाएगी।

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सहायता राशि और शर्तें

  • अधिकतम सहायता राशि: ₹5 लाख (प्रारंभिक चरण में)

  • आवश्यक खर्च सीमा: सहायता तभी मिलेगी जब इलाज का खर्च ₹2 लाख से अधिक हो।

  • इलाज की अवधि: केवल अस्पताल में भर्ती अवधि का खर्च ही मान्य होगा।

  • इलाज की विधि: केवल एलोपैथी इलाज के लिए ही सहायता दी जाएगी।

  • फंड की उपयोगिता: यह एक कार्पस फंड होगा, जिससे केवल गंभीर बीमारियों की स्थिति में सहायता दी जाएगी। भविष्य में आवश्यकता अनुसार और भी सहयोग एकत्र किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

  • शिक्षक: कम से कम 18 महीने का सदस्य होना अनिवार्य
  • शिक्षामित्र/अनुदेशक: कम से कम 17 महीने का सदस्य होना आवश्यक
  • आवेदन करने से तीन माह पहले तक व्यवस्था शुल्क जमा होना चाहिए
  • संगठन का वैधानिक सदस्य होना अनिवार्य
  • पहले किसी अन्य शिक्षक की बीमारी में कम से कम 90% सहयोग देना जरूरी

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कब और कितनी बार मिल सकती है सहायता?

  • दो साल में एक बार ही किसी एक व्यक्ति को आर्थिक मदद दी जाएगी।

  • यह योजना किसी भी शिक्षक के लिए बार-बार की नहीं, बल्कि आपातकालीन सहायतार्थ लागू की गई है।

आवेदन प्रक्रिया

  • जिला टीम के माध्यम से आवेदन

  • शिक्षक सीधे अपने जिले की टीएससीटी टीम को आवेदन जमा करेंगे।

  • रजिस्टर्ड और मान्यता प्राप्त अस्पताल का इलाज का अनुमान (Estimate)

  • सभी प्रासंगिक मेडिकल रिपोर्ट्स और दस्तावेज
  • केवल अस्पताल में भर्ती से डिस्चार्ज तक का खर्च ही मान्य होगा।

  • यदि किसी शिक्षक का इलाज शुरू होने वाला है, तो उन्हें पहले से ही सभी दस्तावेज और इस्टीमेट के साथ आवेदन देना होगा।

संगठन की पहल,'शिक्षकों द्वारा शिक्षकों के लिए'

टीएससीटी की यह पहल न केवल एक सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाने का उदाहरण है, बल्कि यह एक ऐसा सशक्त मॉडल भी बन सकता है जिसे अन्य राज्य भी अपनाएं। यह योजना शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग, भाईचारे और संवेदनशीलता को मजबूत करती है। विवेकानंद आर्य ने कहा, हमारा उद्देश्य है कि कोई शिक्षक आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे। जीवन दान योजना एक प्रयास है, शिक्षकों के जीवन को संबल देने का, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का और समाज में एक नई सोच लाने का। 

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