UP Crime: गोरखपुर में दो भाइयों की गला रेतकर हत्या, रस्सी से बांध दिए हांथ पैर, मुंह में ठूंसा था कपड़ा

Uttar Pradesh Gorakhpur Murder Case Update; उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सटे सहजवा में दो बच्चों की बरर्बता से हत्या करने का मामला सामने आया है।

UP Crime: गोरखपुर में दो भाइयों की गला रेतकर हत्या, रस्सी से बांध दिए हांथ पैर, मुंह में ठूंसा था कपड़ा

 UP Crime: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सटे सहजवा में दो बच्चों की बरर्बता से हत्या करने का मामला सामने आया है। हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंच कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

जानकारी के मुताबिक, मामला सहजना के भक्सा गांव के सीवान इलाके का बताया जा रहा है। घटना शुक्रवार दोपहर की  है। एक मृतक की पहचान भक्सा निवासी अभिषेक 14 पुत्र इंद्रेश और कैंपियरगंज थाना क्षेत्र के नवापार निवासी प्रिंस कुमार के रूप में हुई। दोनों की लाश सरसों के खेत में पड़ी मिली। दोनों बच्चे ममेरे भाई थे। वे गुरुवार शाम से ही घर से लापता थे। 

घटना की जानकारी लगते ही गांव वाले घटना स्थल पर पहुंचने लगे। इसको लेकर गांव वालो में जमकर आक्रोश है। गांव वाले पुलिस को बच्चों की लाश पोस्टमॉर्टम के लिए नहीं ले जाने दे रहे हैं। पुलिस के अधिकारी लगातार गांव वालों को समझाने में लगे हुए हैं।

हांथ पैर बांधकर रेत दिया गला

गौरतलब है घटना स्थल पर पुलिस जब पहुंची तो दोनों बच्चों के हांथ पैर बंधे हुए थे और गला बेरहमी से रेता हुआ था। गुरुवार शाम से ही बच्चे घर से लापता थे जब वे रात तक घर नहीं पहुंचे तो घरवालों ने तलाश शुरू की थी। हालांकि दोनों बच्चों की हत्या किस कारण से हुई है इसका पता नहीं चल पाया है।

शरीर पर नहीं था एक भी कपड़ा 

पुलिस को दोनों बच्चों की लाश पर से एक भी कपड़ा नहीं मिला है दोनों नग्न अवस्था में थे। बच्चे प्रतिरोध ना कर पाएं तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया।  SSP डॉ. गौरव ग्रोवर भी मौके पर पहुंच चुके हैं।

ममेरे भाई थे दोनों बच्चे

बताया जा रहा है कि राकेश का ससुराल सहजनवा इलाके के भक्सा गांव में है। वे चिलुआताल इलाके के नवापार के रहने वाले हैं। उनक बेटा उनका 12 साल का बेटा प्रिंस अपने मामा इंद्रेश के घर गया हुआ था। गुरुवार शाम करीब 5 बजे प्रिंस और उसके मामा राकेश का बेटा अभिषेक (14) खेलते हुए गांव में निकले। लेकिन, काफी देर बीत जाने के बाद भी दोनों वापस घर नहीं लौटे।

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