Agra Shops Collapse: आवास विकास में 5 दुकानें ढहीं, दो भाइयों की मौत, मलबे में दबे 9 लोग, 7 की हालत गंभीर

Agra Shops Collapse: आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 में पुलिस चौकी के पास गारे बनी दुकान के ऊपर निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हुआ। दो दुकानों के बीच की दीवार हटाने के दौरान पांच दुकानें छत सहित ढह गईं। दुकान मालिकों सहित 9 लोग मलबे में दब गए।

Agra Shops Collapse: आवास विकास में 5 दुकानें ढहीं, दो भाइयों की मौत, मलबे में दबे 9 लोग, 7 की हालत गंभीर
रिपोर्ट, कृष्णा त्यागी, आगरा
हाइलाइट्स
  • दीवार हटाने के दौरान पांच दुकानें छत सहित ढह गईं
  • दुकानों में काम कर रहे लोग और ग्राहक मलबे में दब गए
  • लोगों ने सेक्टर-4 पुलिस चौकी के सिपाहियों की मदद से बचाव कार्य शुरू

Agra Shops Collapse: आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 में पुलिस चौकी के पास गारे बनी दुकान के ऊपर निर्माण के दौरान बड़ा हादसा हुआ। दो दुकानों के बीच की दीवार हटाने के दौरान पांच दुकानें छत सहित ढह गईं। दुकान मालिकों सहित 9 लोग मलबे में दब गए। 5 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे से घायलों को निकाला। हादसे में दो भाइयों किशनचंद उपाध्याय और विष्णु उपाध्याय की इलाज के दौरान मौत हो गई। 7 घायल है इलाज जारी है ।

आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-4 निवासी शिवशंकर शर्मा के घर के अगले हिस्से में पांच दुकानें बनी हैं। एक एक दुकान भांजे ब्रजेश व त्रिलोकी को दे रखी है, जो परचून की दुकान चलाते थे। दूसरी दुकान शिवशंकर के भाई किशनचंद और तीसरी विष्णु की है।अन्य दो दुकानों में तीसरे भाई पुष्कर जबकि पांचवीं दुकान विष्णु की पत्नी रेखा की है। पुष्कर और विष्णु की दुकानों में शराब का ठेका चलता था, जो एक अप्रैल को बंद हो गया।

दुकानों में काम कर रहे लोग और ग्राहक मलबे में दब गए

इसके बाद दोनों भाई दुकानों के विजयलक्ष्मी के साथ रहते हैं। उन्होंने अपनी बीच की दीवार तोडकराया बढ़ा रहे थे । बल्लियां लगी थीं और मजदूर काम कर रहे थे। त्रिलोकी की दुकान भी खुली थी। दोपहर करीब 3:30 बजे अचानक सभी पांच दुकानें भरभराकर ढह गईं। दुकानों में काम कर रहे लोग और ग्राहक मलबे में दब गए। लोगों ने सेक्टर-4 पुलिस चौकी के सिपाहियों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।

तीन थाने का का फोर्स पहुंचा मौके पर

कुछ ही देर में जगदीशपुरा थाने के साथ अन्य तीन थाने का का फोर्स पहुंचा मौके पर पुलिस कमिश्नर जिलाधिकारी ,एडिशनल कमिश्नर डीसीपी सिटी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे सभी ने अपनी अपनी जिम्मेदारी निभाई है।

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कटर से काटने पर पैर कटने का डर

इस दौरान लोहे का गर्डर लगने से इंस्पेक्टर आनंदवीर सिंह घायल हो गए। पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकाला। एक मजदूर के दोनों पैर लोहे के जाल में दबे थे। कटर से काटने पर पैर कटने का डर था। काफी जद्दोजहद के बाद उसे निकाला जा सका। मजदूर अर्जुन निवासी टीकमगढ़ मध्य प्रदेश, ग्राहक सोनू निवासी बसई खुर्द ताजगंज और दीपक सेन निवासी सेक्टर 8, जगदीशपुरा, ब्रजेश शर्मा दुकानदार, अजय चाहर निवासी बीधा नगर बोदला, पुष्कर उपाध्याय, किशन और विष्णु उपाध्याय मलबे में दबे थे, जिन्हें निकालकर निजी अस्पताल पहुंचाया गया।

शाम 8 बजे तक चला बचाव कार्य

इस दौरान किशनचंद उपाध्याय (65) और विष्णु उपाध्याय (60) को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सात लोगों को इलाज चल रहा है। इनमें दो की हालत गंभीर है। हादसे की जानकारी मिलने पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, नवीन गौतम, पार्षद गौरव शर्मा, डॉ. पार्थसारथी, जितेंद्र फौजी भी मौके पर पहुंचे। बचाव अभियान का मुआयना किया।मलबे में दबे लोगों के परिजन हाथ जोड़कर भगवान से सलामती की प्रार्थना करते हए।

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