UP Kisan Andolan: वेयरहाउस घोटाले के खिलाफ भूख हड़ताल पर किसान: किसान नेता श्याम सिंह चाहर की बिगड़ी हालत

Uttar Pradesh (UP) Agra Kisan Andolan Update फर्जीवाड़े के खिलाफ किसान नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। फर्जी एफडीआर से ठेका लेने कंपनी के खिलाफ किसान नेता 32 दिन से कर रहे हैं भुख हड़ताल पर हैं।

UP Kisan Andolan: वेयरहाउस घोटाले के खिलाफ भूख हड़ताल पर किसान: किसान नेता श्याम सिंह चाहर की बिगड़ी हालत

UP Kisan Andolan: उत्तर प्रदेश के आगरा में सहकारी समिति के गोदामों के निर्माण में हुए फर्जीवाड़े के खिलाफ किसान नेताओं ने मोर्चा खोल रखा है। फर्जी एफडीआर से ठेका लेने कंपनी के खिलाफ किसान नेता 32 दिन से भुख हड़ताल पर हैं।

इसके साथ ही सरकारी सहकारी गोदामों के निर्माण में धांधली को लेकर धरने पर बैठे किसान नेता की तबीयत बिगड़ गई। इन सब को देखने के बाद अधिकारी परेशान  हैं। उन्हें जबरन अस्पताल ले जाया गया। उनका उपचार चल रहा है।

गोदाम के निर्माण में हुआ बड़ा फर्जीबाड़ा

जानकारी के मुताबिक, जिले में हुए  21 सहकारी समितियों के निर्माण में हुए फर्जीवाड़े को लेकर किसान नेता श्याम सिंह चाहर और किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में बीते 32 दिनों से विकास भवन में धरने पर बैठे हुए हैं। उनका कहा है कि हकारी समितियों के निर्माण में बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है।

किसान नेता श्याम सिंह चाहर की हालत बिगड़ने के बाद उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं मंगलवार को दीवानी के वरिष्ठ अधिवक्ता वरुण कुमार व अन्य साथियों ने धरना स्थल पर किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया है। धरने में रामू चौधरी, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप शर्मा,चौधरी पुष्पेंद्र सिंह, मुकेश कुमार, समेत अन्य किसान शामिल हैं। 

जब तक कार्रवाई नहीं, तब तक नहीं छोडूंगा अनसन

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने प्रशासन को अलटीमेटम देते हुए कहा है कि जब तक दोषियों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं तब-तक हम अनशन से नहीं उठने वाले हैं। उन्होंने आगे बताया कि जिला सहकारी बैंक के संचालक वीरेंद्र सिंह की शिकायत के बाद हुई जांच में फर्जी होने की हुई पुष्टि वावजूद भी किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई।

11 महीने तक ठेकेदार को बचाते रहे जिम्मेदार

किसान नेता श्याम सिंह चाहर कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अनशन खत्म होगी क्योंकि 11 महीने तक ठेकेदार को जिम्मेदार अधिकारियों ने बचाने का काम किया है। इसमें आठ एफडीआर 40 40 हजार रुपए की और एक एफडीआर 7 लाख रुपए का लगातार भ्रष्टाचार हुआ है। हालांकि लगातार वहां के अधिकारी किसान नेता को अनशन से उठाने की कोशिश में हैं।

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