UMA BHARTI: 'शराब दुकान बंद होनी चाहिए' शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का तीखा प्रहार

UMA BHARTI: 'शराब दुकान बंद होनी चाहिए' शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का तीखा प्रहार

UMA BHARTI: जहां पिछले काफी समय से मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती प्रदेश में शराबबंदी कानून लाने को लेकर प्रहार करती रहती है। उनकी मांग है कि बिहार और गुजरात की तरह यहां भी शराबबंदी कानून लागू हो। वहीं एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराबबंदी के मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है।

बता दें कि गुरुवार की शाम शहपुरा रेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम कर सुबह अपने परिचितों से मिलने के लिए निकली थीं। उसी दौरान स्कूल के पास शराब दुकान देख वे नाराज हो गईं। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि सारे नियमों का उल्लंघन कर शहपुरा (डिंडोरी) में स्कूल, तिरंगा और जजों के घर पास शराब दुकानें चल रही हैं। यह हमारी व्यवस्था, हमारी सरकार तथा हम सबको लज्जित कर नीचा दिखा रही है। 2 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक तौर पर घोषणा की थी कि नई शराब नीति सबसे परामर्श कर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि पुरानी नीति की खामियों को दुरुस्त करने को भी कहा था । लेकिन सारे नियमों का उल्लंघन कर शहपुरा में शराब दुकानें चलाई जा रही है।

शराब दुकान बंद होनी चाहिए

उन्होंने कहा मैं चेतावनी दे रही हूं कि, शराब दुकान बंद होनी चाहिए, नहीं तो मैं फिर आऊंगी। मेरी बात मुख्यमंत्री, राज्य शासन तक पहुंच जाए। यहां से 50 मीटर की दूरी पर विद्यालय है और सामने 100 मीटर की दूरी पर राष्ट्रीय ध्वज लहरा रहा है। फिर भी एनएच पर शराब दुकान कैसे चल रही है।

बता दें कि इससे पहले भी कई बार उमा भारती शराब को लेकर खुले तौर पर शिवराज सरकार का विरोध करती रहती है। जिसमें कई बार तो शिवराज और उमा भारती के बीच फूट होने की खबरे चलनी लगती है। हालांकि सीएम शिवराज ने कई मंचो पर उमा भारती को अपनी बहन करार दिया है। उनकी मांग है कि बिहार और गुजरात की तरह यहां भी शराबबंदी कानून लागू हो

हाईकोर्ट के निर्णय का समर्थन

अमरकंटक से लौटने के बाद उमा ने पूर्व मुख्यमंत्री ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि, इस बार मप्र में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होगा। वहीं हाईकोर्ट के उस निर्णय का उन्होंने समर्थन किया है जिसमें उनके भतीजे विधायक राहुल लोधी के निर्वाचन को रद्द कर दिया गया था।

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