महाकाल मंदिर के गर्भगृह में बिना अनुमति युवक ने किया प्रवेश: शिवलिंग को छुआ, कर्मचारी और गार्ड्स पर गिरी गाज

Man Entered Mahakal Garbh Grih: उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रतिबंध के बावजूद एक युवक ने बिना परमिशन के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर लिया।

महाकाल मंदिर के गर्भगृह में बिना अनुमति युवक ने किया प्रवेश: शिवलिंग को छुआ, कर्मचारी और गार्ड्स पर गिरी गाज

Man Entered Mahakal Garbh Grih: उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रतिबंध के बावजूद एक युवक ने बिना परमिशन के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर लिया। इस घटना के बाद मंदिर के कर्मचारी और पुजारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई।

युवक को तुरंत गर्भगृह से बाहर निकाला गया और महाकाल थाने ले जाया गया। फिलहाल शख्स की पहचान नहीं हो पाई है।  महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने शख्स के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

दो कर्मचारियों को नोटिस

मामले की जानकारी मिलने पर मंदिर प्रशासक अनुकूल जैन ने लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। ड्यूटी में तैनात दो गार्ड्स को हटाने के लिए लेटर लिखा है।

महामंडलेश्वर के साथ दर्शन करने आया था

घटना सोमवार (20 जनवरी) सुबह 8.24 मिनट की है। मंदिर में पूजा के दौरान युवक ने गर्भगृह में प्रवेश कर लिया। वह ब्लैक कलर का ट्रैक सूट पहना हुआ था। युवक ने शिवलिंग को छूकर हाथ जोड़े। वहां मौजूद पुजारी ने उसे देखते ही पकड़ लिया और तुरंत बाहर निकाला।

मंदिर प्रशासक अनुकूल जैन ने गर्भगृह निरीक्षक कमल जोशी और नंदी हॉल प्रभारी प्रहलाद भास्कर को नोटिस जारी किया है। वहीं, गार्ड सोहन डाबी और अंकित को सेवा से हटाने के लिए पत्र लिखा है।

यह भी पढ़ें-उज्जैन महाकाल मंदिर में क्यूआर कोड से दान, सोना-चांदी भेंट की कैशबुक और ऑनलाइन होगी अकाउंटिंग

गर्भगृह में प्रवेश पर क्यों लगी रोक

महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हर दिन एक लाख से ज्यादा लोग महाकालेश्वर में दर्शन करने आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों को गर्भगृह में प्रवेश देना मुमकिन नहीं है। इसलिए प्रवेश पर रोक लगा रखी है।

उज्जैन में बदलेगा 43 साल पुराना महाकाल मंदिर एक्ट: रिटायर्ड IAS को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी, ये रूल बदलेंगे

publive-image

महाकाल मंदिर में हाल की घटनाओं, जैसे आग लगने से सेवक की मौत, दर्शन के नाम पर ठगी और अन्य विवादों के कारण मंदिर की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अब इन व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए महाकाल मंदिर का 43 साल पुराना अधिनियम बदलने की योजना बनाई जा रही है। इस प्रक्रिया को अगले एक-दो महीनों में लागू किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article