Ujjain Simhastha 2028: सिंहस्थ कुंभ को लेकर हाईटेक प्लानिंग, AI से होगी भीड़ और ट्रैफिक की रियल टाइम निगरानी

उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए पुलिस हाईटेक तैयारियों में जुटी है। कुंभ में AI-बेस्ड सिस्टम से भीड़ और ट्रैफिक की रीयल टाइम निगरानी की जाएगी। प्रयागराज की गलती से सबक लेकर श्रद्धालुओं को रूट पॉइंट्स पर रोका जाएगा।

Ujjain Simhastha 2028: सिंहस्थ कुंभ को लेकर हाईटेक प्लानिंग, AI से होगी भीड़ और ट्रैफिक की रियल टाइम निगरानी

हाइलाइट्स

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028 के लिए टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग।
  • AI से ट्रैफिक और श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन होगा।
  • प्रयागराज की गलतियों से सीख लेकर भीड़ नियंत्रण की योजना।

Ujjain Simhasth 2028 Kumbh Mela AI crowd control Preparation: उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस बार आयोजन को पूरी तरह हाईटेक और स्मार्ट बनाने की योजना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial intelligence) आधारित सिस्टम से ट्रैफिक और भीड़ पर नजर रखी जाएगी। कंपनी ने डीजीपी को प्रेजेंटेशन देते हुए बताया कि प्रयागराज में हुई गलती उज्जैन में नहीं दोहराई जाएगी। पुलिस, प्रशासन और टेक्नोलॉजी मिलकर इस ऐतिहासिक आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएंगे।

कैसे होगी सिंहस्थ कुंभ की व्यवस्था?

2028 में उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ कुंभ ना सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व होगा, बल्कि टेक्नोलॉजी की दृष्टि से भी यह देश में मिसाल बनेगा। इसकी तैयारियां पुलिस के स्तर पर भी तेज हो गई हैं। आयोजन की तैयारियों को लेकर पुलिस और टेक्निकल टीम मिलकर हाईटेक प्लानिंग में जुटी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्राउड मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों की मदद से भीड़ और ट्रैफिक पर नियंत्रण रखा जाएगा, ताकि कोई अव्यवस्था न हो।

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सिंहस्थ की तैयारियों में टेक्नोलॉजी की एंट्री

उज्जैन सिंहस्थ कुंभ की तैयारी प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर तेजी से की जा रही है। महाकुंभ के लिए टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग शुरू की गई है। गुरुवार को एक प्राइवेट कंपनी ने डीजीपी कैलाश मकवाणा और अन्य अधिकारियों के सामने हाईटेक प्लानिंग का प्रेजेंटेशन दिया। डीजीपी ने कुंभ की व्यवस्थाओं को देखा। 

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सिंहस्थ में एआई कैसे करेगा मदद?

कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि AI-बेस्ड सिस्टम से श्रद्धालुओं की संख्या, ट्रैफिक मूवमेंट और रूट पर बढ़ते दबाव की रीयल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। यह सिस्टम सिंहस्थ स्थल की ओर आने वाली सभी सड़कों का डाटा जुटाकर भीड़ का आकलन करेगा।

तैयारियों को लेकर कंपनी ने क्या सुझाव दिए?

कंपनी ने सुझाव दिया कि श्रद्धालुओं के डाटा और मूवमेंट पर नियंत्रण रखने के लिए अगले सावन और पंचकोशी परिक्रमा से ही तैयारियों की शुरुआत कर देनी चाहिए। इससे भीड़ के हर स्टेज पर ट्रैकिंग आसान हो सकेगी। कंपनी ने बताया कि AI-बेस्ड सिस्टम से भीड़ और ट्रैफिक की रीयल टाइम निगरानी की जाएगी।

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प्रयागराज से सीखा गया सबक

प्रेजेंटेशन के दौरान जब अफसरों ने प्रयागराज महाकुंभ में हुई अव्यवस्था को लेकर सवाल उठाए, तो कंपनी ने स्वीकार किया कि वहां श्रद्धालुओं की भीड़ को रुकवाने की स्पॉट प्लानिंग नहीं की गई थी। इस बार उज्जैन में भीड़ को रूट अनुसार छोटे-छोटे पॉइंट्स पर रोका जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रित रह सके।

जिस रूट पर श्रद्धालुओं की भीड़ अत्यधिक बढ़ेगी, वहां तत्काल प्रभाव से भीड़ नियंत्रण के उपाय लागू किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को कुछ समय के लिए सुरक्षित रूप से रोका जाएगा, ताकि अव्यवस्था न हो। प्रयागराज महाकुंभ में इस प्रकार की योजना नहीं बन पाई थी, जिसके कारण भीड़ प्रबंधन में कठिनाइयां सामने आई थीं।

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प्रशासनिक अमला हुआ सक्रिय

इस बैठक में एडीजी इंटेलिजेंस ए. साईं मनोहर, उज्जैन और आस-पास के जिलों के पुलिस अधिकारी, और प्रशासनिक अमला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुआ। कंपनी ने बताया कि वे पहले प्रयागराज महाकुंभ और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं पर काम कर चुके हैं।

इस खबर से जुड़े 5 अहम FAQ

Q1. सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में नया क्या है?

उत्तर: इस बार आयोजन में AI आधारित ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है।

Q2. तकनीक से किस तरह मदद मिलेगी?

उत्तर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रीयल टाइम में श्रद्धालुओं की संख्या, मूवमेंट और ट्रैफिक का विश्लेषण करेगा।

Q3. प्रयागराज महाकुंभ से क्या सीखा गया?

उत्तर: प्रयागराज में भीड़ को रुकवाने की स्पष्ट योजना नहीं थी, जिससे अव्यवस्था हुई। अब उज्जैन में ऐसा नहीं होगा।

Q4. तैयारियां कब से शुरू होंगी?

उत्तर: अगले सावन और पंचकोशी परिक्रमा से हाईटेक व्यवस्थाओं की शुरुआत कर हो सकती है।

Q5. किसने यह प्रेजेंटेशन दिया?

उत्तर: एक प्राइवेट कंपनी ने जो पूर्व में प्रयागराज महाकुंभ और काशी कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर चुकी है।

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